महाराष्ट्र के इस शिव मंदिर में ऋषि-मुनि करते थे ध्यान-योग और क्या कुछ खास है, आइए जानते हैं

Famous Shiva Temple : सिद्धेश्वर शिव मंदिर मध्य युगीन काल में निर्मित है. इसे हेमाडपंथी शैली में काले पाषाण से बनाया गया है. मान्यता है यहां पर प्राचीन काल में ऋषि मुनि ध्यान किया करते थे. 

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इस नदी के तट पर महारानी अहिल्याबाई ने इस नदी के तट पर एक भव्य घाट का निर्माण कराया था.

Shiva Temple in Solapur : पूरे भारत में भगवान शिव के कई प्राचीन और रहस्य मंदिर हैं. हर मंदिर की अपनी विशेषता और महत्व है. आज हम उन्हीं में से एक मंदिर जो महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में स्थित है उसके बारे में बात करेंगे. कहा जाता है इस मंदिर में ऋषि मुनि योग औऱ ध्यान किया करते थे. ऐसे में आइए जानते हैं इस मंदिर का नाम और इतिहास. यह प्राचीन मंदिर सोलापुर से 40 किलोमीटर की दूरी पर भीमा नदी के किनारे स्थित है. सिद्धेश्वर शिव मंदिर मध्य युगीन काल में निर्मित है. इसे हेमाडपंथी शैली में काले पाषाण से बनाया गया है. 

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इस नदी के तट पर महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने एक भव्य घाट का निर्माण कराया था. इस नदी के बीच में स्थित जटा शंकर महादेव के दर्शन जल स्तर घटने के बाद किया जा सकता है. यह मंदिर जल के बीचो-बीच स्थित होने के कारण बहुत आकर्षक लगता है. यह मंदिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है. 

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आपको बता दें कि भीमा नदी को चंदभागा नदी के नाम से जाना जाता है. श्रावण मास में यहां पूरे एक माह तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. इसके अलावा महाशिवरात्रि पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं. हर साल महाराष्ट्र , कर्नाटक , आंध्र प्रदेश, गोवा आदि राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां आते हैं. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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