Kalashtami Vrat: कालाष्टमी का व्रत आज, जानिए शाम की पूजा का मुहूर्त और महत्व

Kalashtami 2026: आज कालाष्टमी व्रत रखा जाएगा. यह दिन पूरी तरह से भगवान काल भैरव को समर्पित होता है, जो भगवान शिव का अति उग्र रूप हैं.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
Kalashtami
file photo

Kalashtami 2026: कालाष्टमी हिंदू धर्म का एक बहुत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है. कालाष्टमी हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. आज कालाष्टमी व्रत रखा जाएगा. यह दिन पूरी तरह से भगवान काल भैरव को समर्पित होता है, जो भगवान शिव का अति उग्र रूप हैं. इस पावन दिन श्रद्धालु सुबह से शाम तक व्रत रखते हैं और सच्चे मन से भगवान काल भैरव की पूजा करते हैं. चलिए आपको बताते हैं कालाष्टमी पर कैसे करें शाम की पूजा और शुभ मुहूर्त क्या है?

कालाष्टमी पूजा मुहूर्त

कालाष्टमी के दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि विधि‑विधान से पूजा करने से भय, नकारात्मक शक्तियों और बाधाओं से मुक्ति मिलती है.

  • अष्टमी तिथि शुरू- 9 मई 2026, दोपहर 02:02 बजे
  • अष्टमी तिथि समाप्त- 10 मई 2026, दोपहर 03:06 बजे
  • निशिता काल पूजा मुहूर्त- 9 मई की रात को काल भैरव की विशेष पूजा की जाएगी.

कालाष्टमी व्रत का महत्व

भैरव आशीर्वाद- भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव की पूजा से शत्रु बाधा, रोग और अकाल मृत्यु का डर दूर होता है.

नकारात्मकता का अंत- यह व्रत करने से राहु, केतु और शनि दोष के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं.

सुरक्षा और समृद्धि- मान्यता है कि यह व्रत जीवन में सुरक्षा, स्थिरता और सुख-समृद्धि लाता है.

यह भी पढ़ें:- Guru Pradosh Vrat 2026: कब है गुरु प्रदोष व्रत, जानिए तिथि, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Advertisement
कालाष्टमी का महत्व

कालाष्टमी वैशाख मास में 9 मई शनिवार यानी आज को मनाई जाएगी. काल भैरव को समर्पित यह व्रत मनोकामना पूर्ति, भय मुक्ति और नकारात्मकता दूर करने के लिए विशेष है, जिसमें मध्यरात्रि की पूजा का सबसे अधिक महत्व है. पूजा में सरसों का तेल, काले तिल, उड़द और फूल अर्पित करें. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जो लोग सच्चे मन से भगवान काल भैरव की आराधना करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. भगवान काल भैरव अपने भक्तों के जीवन से नकारात्मक ऊर्जा, डर और चिंता, बाधाएं और परेशानियां दूर करते हैं.

Featured Video Of The Day
Narendra Modi के PM बनने के बाद 12 साल के अंदर देश में कितना बदलाव आया?
Topics mentioned in this article