जय हनुमंत संत हितकारी... बजरंग बाण के पाठ के बिना अधूरी है हनुमान जयंती की पूजा, प्रसन्न हो जाएंगे बजरंगबली

Bajrang Baan Path Lyrics: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भी व्यक्ति इस बजरंग बान का पाठ करता है उसपर हनुमान जी सदैव आशीर्वाद बनाए रखते हैं और सभी तरह के कष्ट, रोग और भय से मुक्ति मिलती है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
हनुमान जयंती पर करें बजरंग बाण का पाठ
AI

Bajrang Baan Path: हर साल चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जयंती का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. इस साल हनुमान जन्मोत्सव यानी हनुमान जयंती 2 अप्रैल को मनाई जाएगी. इस पावन अवसर पर बजरंगबली की श्रद्धा भाव से पूजा करने का विधान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को बल, बुद्धि और ज्ञान का आशीर्वाद मिलता है. हनुमान जी की पूजा हनुमान चालीसा और बजरंगबाण के पाठ के बिना अधूरी मानी जाती है. कहा जाता है जो भी व्यक्ति इस बजरंग बान का पाठ करता है उसपर हनुमान जी सदैव आशीर्वाद बनाए रखते हैं और सभी तरह के कष्ट, रोग और भय से मुक्ति मिलती है. 

यहां पढ़ें संपूर्ण बजरंग बाण लिरिक्स (Bajrang Baan Lyrics)

दोहा

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान।
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥ 

चौपाई

जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी।
जनके काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै।

जैसे कूदि सिंधु महिपारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा।
आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुरलोका।

जाय विभीषण को सुख दीन्हा। सीता निरखि परमपद लीन्हा।
बाग उजारि सिंधु महँ बोरा। अति आतुर यमकातर तोरा।

अक्षय कुमार मारि संहारा। लूम लपेटि लंक को जारा।
लाह समान लंक जरि गई। जय जय धुनि सुरपुर मह भई।

अब बिलंब केहि कारन स्वामी। कृपा करहु उर अंतरयामी।
जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता। आतुर होइ दुख करहु निपाता।

जय गिरिधर जय जय सुखसागर। सुर-समूह-समरथ भट-नागर।
ॐ हनु हनु हनु हनुमंत हठीले। बैरिहि मारु बज्र की कीले।

गदा बज्र लै बैरिहि मारो। महारज प्रभु दास उबारो।
ओंकार हुंकार महाबीर धावो। वज्र गदा हनु बिलम्ब न लावो।

ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीसा। ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा।
सत्य होहु हरि शपथ पायके। राम दूत धरु मारु जायके। 

जय जय जय हनुमंत अगाधा। दुख पावत जन केहि अपराधा।
पूजा जप तप नेम अचारा। नहिं जानत हौं दा तुम्हारा।

वन उपवन मग गिरिगृह माहीं। तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं।
पांय परौं कर जोरि मनावौं। यहि अवसर अब केहि गोहरावौं।

जय अंजनि कुमार बलवंता। शंकर सुवन वीर हनुमंता।
बदन कराल काल कुल घालक। राम सहाय सदा प्रति पालक।

भूत प्रेत पिशाच निशाचर, अग्नि बैताल काल मारीमर।
इन्हें मारु तोहिं सपथ राम की। राखु नाथ मरजाद नाम की।

जनक सुता हरिदास कहावो। ताकी सपथ विलंब न लावो।
जय जय जय धुनि होत अकाशा। सुमिरत होत दुसह दुख नाशा।

चरण-शरण कर जोरि मनावौं। यहि अवसर अब केहि गोहरावौं।
उठु-उठु चलु तोहिं राम दोहाई। पांय परौं कर जोरि मनाई।

ॐ चं चं चं चं चपल चलंता। ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता।
ॐ हं हं हांक देत कपि चंचल। ओम सं सं सहमि पराने खल दल।

अपने जन को तुरत उबारो। सुमिरत होत आनंद हमारो।
यहि बजरंग बाण जेहि मारे। ताहि कहो फिर कौन उबारे।

पाठ करै बजरंग बाण की। हनुमत रक्षा करैं प्राण की।
यह बजरंग बाण जो जापै। तेहि ते भूत प्रेत सब कांपै।

Advertisement

धूप देय अरु जपै हमेशा। ताके तनु नहिं रहे कलेशा।

दोहा

प्रेम प्रतीतिहिं कपि भजै, सदा धरै उर ध्यान।
तेहि के कारज शकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान।।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.

Featured Video Of The Day
Iran Israel War: 'नहीं की सीजफायर की मांग', Trump के दावे पर ईरान का पलटवार | Iran Vs America | US
Topics mentioned in this article