Ganga Snan Ka Mantra Kya Hai: सनातन परंपरा में गंगा सिर्फ एक नदी नहीं बल्कि एक परंपरा, संस्कृति और लोगों की आस्था से जुड़ी लोकमाता हैं. जिनसे एक सनातनी व्यक्ति का जुड़ाव जन्म से लेकर मृत्यु तक जुड़ा रहता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार जिस गंगा का प्राकट्य भगवान विष्णु के चरणों से हुआ और वह शिव की जटाओं से होते हुए पृथ्वी पर निरंतर बहती है, आज उससे जुड़ा गंगा सप्तमी का महापर्व मनाया जा रहा है. जीवन से जुड़े सभी दोष और पाप से मुक्त करके सुख-सौभाग्य और मोक्ष को प्रदान करने वाली मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाते समय आखिर कौन सा मंत्र पढ़ना चाहिए, जिससे गंगा सप्तमी का पूरा पुण्यफल मिल सके. आइए गंगा स्नान एवं पूजन से जुड़े महामंत्र के बारे में विस्तार से जानते हैं.
गंगा स्नान का मंत्र
हिंदू धर्म में किसी भी देवी या देवता की पूजा में मंत्र जप का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. मान्यता है कि स्नान और पूजन के दौरान जपे जाने वाला मंत्र ईश्वरीय शक्ति से जोड़ने का माध्यम बनता है. मंत्र मन की शक्ति को मजबूत, मनोकामना को पूरा करते हुए सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है. यदि आप चाहते हैं कि आज आपको गंगा सप्तमी पर गंगा स्नान का पूरा पुण्यफल प्राप्त हो तो आज इस पवित्र नदी अथवा घर में स्नान करते समय नीचे दिये गये मंत्र का जप जरूर करें.
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती.
नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥
हिंदू मान्यता के अनुसार गंगा स्नान करते समय इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति के जीवन से जुड़े सभी पाप, दोष और कष्ट दूर होते हैं. इस मंत्र के शुभ प्रभाव से व्यक्ति का तन और मन पवित्र होता है और उसे पुण्य की प्राप्ति होती है.
गंगा पूजन का मंत्र
गंगा सप्तमी पर गंगा स्नान का विशेष पुण्यफल बताया गया है, लेकिन यदि आप गंगा में आस्था की डुबकी या उनकी विधि-विधान से पूजा न कर पाएं तो आप उनका दर्शन करके भी पुण्य की प्राप्ति कर सकते हैं क्योंकि शास्त्रों में कहा गया है - गंगे तव दर्शनात् मुक्ति. बहरहाल, यदि आप गंगातट पर या फिर अपने घर में गंगा जी का पूजन कर रहे हैं तो आप नीचे दिये गये मंत्र का जप करके उनका पुण्यसलिला गंगा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.
‘ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः'
“गंगागंगेति योब्रूयाद् योजनानां शतैरपि .
मुच्यते सर्व पापेभ्यो विष्णुलोकं सगच्छति. तीर्थराजाय नमः”
गंगा स्नान करते समय इन बातों का रखें ख्याल
हिंदू मान्यता के अनुसार गंगा सप्तमी का पूरा पुण्यफल पाने के लिए सिर्फ मंत्र जप ही नहीं बल्कि कुछ अन्य बातों का भी ख्याल रखना चाहिए. आइए जानते हैं कि आज गंगा स्नान करते समय किन नियमों का पालन करने पर मां गंगा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है.
- हिंदू मान्यता के अनुसार गंगा नदी में हमेशा नदी की धारा और सूर्य की ओर मुख करके स्नान करना चाहिए.
- गंगा जी में कभी भी अपवित्र अवस्था में स्नान नहीं करना चाहिए. गंगा में स्नान करने से पहले घर में अवश्य स्नान करके जाएं.
- गंगा जी में स्नान करते समय व्यक्ति को कम से कम तीन डुबकी जरूर लगानी चाहिए. गंगा जी में स्नान करते समय आप अपने परिजनों के सुख-समृद्धि और पुरखों की मुक्ति की कामना करते हुए भी डुबकी लगा सकते हैं.
- गंगा जी में स्नान करने के बाद अपने गीले कपड़े वहां पर नहीं धोने चाहिए.
Ganga Saptami 2026: आज है गंगा सप्तमी, जानें अमृतवाहिनी मां गंगा की पूजा विधि और महाउपाय
- गंगा जी में पूजा-पाठ आदि में प्रयोग किए जाने के बाद बचे कचरा को ले जाकर नहीं डालना चाहिए.
- गंगा स्नान करते समय सिर्फ शरीर ही नहीं बल्कि मन का मैल भी दूर करना चाहिए. कहने का तात्पर्य यह है गंगा स्नान का प्रयोजन तन और मन दोनों से पवित्र होना है.
- गंगा स्नान के बाद मां गंगा के स्तोत्र या फिर गंगा लहरी का पाठ करना चाहिए.
- गंगा स्नान के बाद व्यक्ति को अपने सामर्थ्य के अनुसार दान देना चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)














