ईद से पहले मदीना के सामने खड़े होकर क्या दुआ कर रही हैं महिलाएं? मदीना मुनव्वरा से स्पेशल रिपोर्ट

मदीना में इस समय शांति और इबादत का माहौल है. लोग पूरी एकाग्रता के साथ दुआ कर रहे हैं. खासतौर पर महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं और वे अपने परिवार, समाज और पूरी मुस्लिम उम्माह के लिए दुआएं मांग रही हैं.

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ईद से पहले मदीने के सामने खड़े होकर दुआ कर रही हैं महिलाएं

रमज़ान के आखिरी दिनों में मदीना मुनव्वरा का माहौल बेहद खास और भावुक होता है. ईद से ठीक पहले लाखों लोग यहां इबादत के लिए पहुंचते हैं और मस्जिद-ए-नबवी के सामने खड़े होकर दुआ करते हैं. इसी बीच NDTV संवाददाता अली अब्बास नकवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में एक मुस्लिम महिला पत्रकार ने वहां का हाल बताया, जो इस समय पूरी दुनिया के मुसलमानों की भावनाओं को दर्शाता है.

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महिला पत्रकार बताती हैं, मदीना में इस समय शांति और इबादत का माहौल है. लोग पूरी एकाग्रता के साथ दुआ कर रहे हैं. खासतौर पर महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं और वे अपने परिवार, समाज और पूरी मुस्लिम उम्माह के लिए दुआएं मांग रही हैं. यह रमज़ान का आखिरी दिन होने के कारण इबादत का महत्व और भी बढ़ गया है. दुआओं में सबसे ज्यादा जोर मुस्लिम देशों की सुरक्षा और एकता पर दिया जा रहा है. लोग अल्लाह से प्रार्थना कर रहे हैं कि वह पूरी उम्माह की हिफाज़त करे और दुनिया में अमन और सुकून कायम रखे. इसके अलावा फिलिस्तीन, ईरान और अन्य मुस्लिम देशों के लिए भी खास तौर पर दुआएं की जा रही हैं. लोग चाहते हैं कि इन इलाकों में शांति बनी रहे और वहां के लोगों को सुरक्षा मिले.

महिला ने कुछ लोगों के साथ बात भी की जिसमें कुछ लोग अमेरिका और इज़राइल की नीतियों का विरोध जता रहे हैं और उन्हें अशांति का कारण मान रहे हैं. वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि जो भी कार्रवाई हो रही है, वह जवाबी कार्रवाई है.

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फेक न्यूज और प्रोपगंडा से बचें लोग

महिला पत्रकार ने यह भी कहा कि बाहर की दुनिया में जो तस्वीर दिखाई जा रही है, वह पूरी तरह सही नहीं है. उनके अनुसार, मदीना में हालात सामान्य हैं और लोग बिना किसी डर के इबादत कर रहे हैं. यहां सुरक्षा के अच्छे इंतजाम हैं और श्रद्धालु शांति से अपनी धार्मिक गतिविधियां कर रहे हैं.

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इस पूरी स्थिति में सबसे अहम बात यह है कि लोग एकता और भाईचारे की दुआ कर रहे हैं. शिया और सुन्नी दोनों समुदाय के लोग मिलकर दुआ कर रहे हैं, जो एक सकारात्मक संदेश देता है. ईद से पहले का यह समय लोगों को जोड़ने और शांति का संदेश देने का काम कर रहा है. लोग अमन, एकता और बेहतर भविष्य की कामना कर रहे हैं.

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