Eid al-Fitr Date: ईद-उल-फितर इस्लाम धर्म का प्रमुख त्योहार है. इसे रमज़ान के पूरे महीने रोज़ा रखने के बाद मनाया जाता है. इस दिन लोग नमाज़ पढ़ते हैं, एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं और मीठी सेवइयां बांटते हैं. हालांकि, इसे लेकर अक्सर लोगों के मन में एक सवाल भी रहता है, वो यह कि आखिर भारत और सऊदी अरब में ईद अलग-अलग दिन क्यों होती है? साल 2026 में भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है. सऊदी अरब में 20 मार्च को ईद मनाई जा रही है, जबकि भारत में ईद 21 मार्च को मनाई जाएगी. आइए जानते हैं इसका कारण-
भारत और सऊदी अरब में ईद अलग-अलग दिन क्यों मनाई जाती है?
इस अंतर की सबसे बड़ी वजह है चांद का दिखना. दरअसल, भारत में ईद की तारीख चांद देखने पर निर्भर करती है. जब रमज़ान का महीना खत्म होता है, तब नए चांद को देखकर ईद का ऐलान किया जाता है. अगर चांद दिखाई दे जाता है, तो अगले दिन ईद होती है और अगर नहीं दिखता, तो एक दिन बाद मनाई जाती है.
सऊदी अरब भारत के मुकाबले पश्चिम दिशा में स्थित है. इसका मतलब है कि वहां सूरज भारत से थोड़ी देर बाद डूबता है. इस वजह से चांद को दिखने का थोड़ा ज्यादा समय मिल जाता है. इसलिए कई बार सऊदी अरब में चांद जल्दी नजर आ जाता है, बस इसी कारण भारत में अक्सर एक दिन बाद ईद मनाई जाती है.
हर साल क्यों बदल जाती है ईद की तारीख?इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित होता है, जो अंग्रेजी कैलेंडर से करीब 11 दिन छोटा होता है. इसी कारण हर साल ईद की तारीख बदलती रहती है और अलग-अलग देशों में एक दिन के अंतर में ईद मनाई जाती है. यानी ईद की तारीख में अंतर होना पूरी तरह से चांद की स्थिति पर निर्भर करता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)














