मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाने के लिए डीपीआर किया जाएगा तैयार

राजस्थान-गुजरात सीमा पर बांसवाड़ा जिले में स्थित मानगढ़ धाम एक ऐतिहासिक स्थान है, जहां 1913 में अंग्रेजों की गोलीबारी में सैकड़ों आदिवासियों ने जान गंवाई थी.

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राजस्थान-गुजरात सीमा पर बांसवाड़ा जिले में स्थित मानगढ़ धाम एक ऐतिहासिक स्थान है.

जयपुर, 26 सितंबर (भाषा) :  राजस्थान सरकार ने समाज सुधारक गोविंद गुरु की साधना स्थली मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री ने डीपीआर बनाने के लिए एक करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. अशोक गहलोत ने पिछले महीने विश्व आदिवासी दिवस पर मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित कराने और 100 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य करवाने की घोषणा की थी. 

आपको बता दें कि राजस्थान-गुजरात सीमा पर बांसवाड़ा जिले में स्थित मानगढ़ धाम एक ऐतिहासिक स्थान है, जहां 1913 में अंग्रेजों की गोलीबारी में सैकड़ों आदिवासियों ने जान गंवाई थी. पिछले माह नौ अगस्त को अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर सत्तारूढ़ कांग्रेस ने यहां बड़ी रैली की थी.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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