Chandra Grahan 2026 in India Date and Time: 17 फरवरी को साल का पहला सूर्य ग्रहण लग चुका है और अब इसके बाद चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. हालांकि, भारत में सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई दिया था, जिसके कारण सूतक काल के नियम भी लागू नहीं हुए थे. पंचांग के अनुसार चंद्र ग्रहण होली पर लगने जा रहा है, साथ ही इस दिन फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि भी है. गौरतलब है कि, यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा और सूतक काल के नियम भी मान्य होंगे. इसी कड़ी में आइए जानते हैं, कि चंद्र ग्रहण कब से कब तक लगेगा और सूतक काल का समय क्या रहेगा.
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कब लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण?
साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है. यह दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से लेकर शाम को 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा और इसकी कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट की होगी. यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जो पूरे एशिया समेत ऑस्ट्रेलिया में भी नजर आएगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि पूर्ण चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जो तब होती है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और सूर्य की किरणें सीधे चंद्रमा तक नहीं पहुंच पातीं है.
कब से होगा सूतक काल मान्य?
चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले से मान्य होता है. ऐसे में 3 मार्च को लगने वाले चंद्र ग्रहण की सूतक काल की शुरुआत सुबह 6 बजकर 20 मिनट से होगी.
सूतक काल में क्या नहीं करना चाहिए?
सूतक काल में कुछ कार्य करने की मनाही होती है. माना जाता है कि इस समय भगवान की मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए, नया काम नहीं शुरू करना चाहिए, मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए, खाना न बनाना और न खाना चाहिए. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को भी इस दौरान विशेष ख्याल रखने की सलाह दी जाती है.
चंद्र ग्रहण कितने प्रकार के होते हैं?
चंद्र ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं.
1. आंशिक चंद्र ग्रहण
2. पूर्ण चंद्र ग्रहण
3. उपछाया चंद्र ग्रहण
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.














