Mata Rani Ke Bhajan: साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने वाली है. इस बार चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगी. नवरात्रि में नौ दिन देवी दुर्गा के 9 अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है. नवरात्रि के नौ दिनों में माँ दुर्गा के नौ विशिष्ट रूपों, जिन्हें 'नवदुर्गा' कहा जाता है, शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघण्टा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. हर दिन एक नई शक्ति को समर्पित है, जो जीवन में संतुलन, साहस और ऊर्जा का संचार करती है. ऐसे में नवरात्रि के हर दिन माता रानी के भजन करने से जीवन में सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है. चलिए आपको बताते है नवरात्रि में रोजाना कौन सी आरती करनी चाहिए और माता रानी के भजन कौन से सुनने चाहिए.
मां दुर्गा की आरती
माता रानी की ये पावन आरती 'अंबे तू है जगदंबे काली' सदियों से हम सबके घरों में गूंजती आ रही है. ये पारंपरिक आरती आज भी उतनी ही ताजा और सुकून देने वाली लगती है, जितनी कि बरसों पहले लगती थी. इसे सुनते ही मन में एक अलग ही शांति और माँ की भक्ति का अहसास होने लगता है.
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाये भारती,
ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
तेरे भक्त जनो पर,
भीर पडी है भारी माँ ।
दानव दल पर टूट पडो,
माँ करके सिंह सवारी ।
सौ-सौ सिंहो से बलशाली,
अष्ट भुजाओ वाली,
दुष्टो को पलमे संहारती ।
ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,
मैं आया मैं आया शेरा वालिये
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,
मैं आया मैं आया शेरा वालिये
ज्योता वालिये, पहाड़ा वालिये,
मेहरा वालिये ॥
मैया का चोला (है रंगला)
मैया का चोला (है रंगला)
शेरो वाली का चोला (है रंगला)
मेहरो वाली का चोला (है रंगला)
हो, जोतो वाली का चोला (है रंगला)
ओए, अम्बे रानी का चोला (है रंगला)
माँ वैष्णो का चोला (है रंगला)
माता रानी के भजन
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी….
बड़ा न्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी
भगतों की लगी है कतार भवानी
ऊंचे पर्वत भवन निराला, आके शीश नवावे संसार भवानी
तेरे भक्तों की लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी …














