Chaitra Navratri 2026: हिन्दू पंचांग के अनुसार फिलहाल चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है. नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा करने का विधान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा की श्रद्धा-भाव से पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती हैं. साथ ही इस दौरान दुर्गा स्तुति का पाठ करना बेहद लाभदायक माना गया है. माना जाता है, कि जो भी व्यक्ति विधि-विधान से र्गा स्तुति का पाठ करता है, उससे माता रानी जल्द प्रसन्न होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति बनी रहती है. इसके अलावा मां दुर्गा अपना विशेष आशीर्वाद भी बनाए रखती हैं.
यह भी पढ़ें: Durga Ashtami 2026: 25 या 26 मार्च कब मनाई जाएगी दुर्गा अष्टमी? जान लें सही तारीख, तिथि और शुभ मुहूर्त
यहां पढ़ें दुर्गा स्तुति का पाठ (Durga Stuti Path Lyrics in Hindi)
सर्व मंगल मांगल्य शिवे सर्वार्थ साधिके,
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।
श्री दुर्गा स्तुति
जय जग जननी आदि भवानी,
जय महिषासुर मारिणी मां ।
उमा रमा गौरी ब्रह्माणी,
जय त्रिभुवन सुख कारिणी मां ।।
हे महालक्ष्मी हे महामाया,
तुम में सारा जगत समाया ।
तीन रूप तीनों गुण धारिणी,
तीन काल त्रैलोक बिहारिणी ।।
हरि हर ब्रह्मा इंद्रादिक के,
सारे काज संवारिणी मां ।
जय जग जननी आदि भवानी,
जय महिषासुर मारिणी मां
शैल सुता मां ब्रह्मचारिणी,
चंद्रघंटा कूष्मांडा मां ।
स्कंदमाता कात्यायनी माता,
शरण तुम्हारी सारा जहां।।
कालरात्रि महागौरी तुम हो
सकल रिद्धि सिद्धि धारिणी मां
जय जग जननी आदि भवानी
जय महिषासुर मारिणी मां
अजा अनादि अनेका एका,
आद्या जया त्रिनेत्रा विद्या।
नाम रूप गुण कीर्ति अनंता,
गावहिं सदा देव मुनि संता।।
अपने साधक सेवक जन पर,
सुख यश वैभव वारिणी मां ।।
जय जगजननी आदि भवानी,
जय महिषासुर मारिणी मां।।
दुर्गति नाशिनी दुर्मति हारिणी दुर्ग निवारण दुर्गा मां,
भवभय हारिणी भवजल तारिणी सिंह विराजिनी दुर्गा मां ।
पाप ताप हर बंध छुड़ाकर जीवो की उद्धारिणी मां,
जय जग जननी आदि भवानी जय महिषासुर मारिणी मां।।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.













