Chaitra Bhutdi Amavasya 2026: चैत्र अमावस्या को क्यों कहते हैं भूतड़ी अमावस्या, जानें इससे जुड़े 5 पावरफुल उपाय

Bhutdi Amavasya Ke Upay: सनातन परंपरा में तमाम तिथियों की तरह अमावस्या का भी बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. चैत्र मास में पड़ने वाली अमावस्या, जिसे भूतड़ी अमावस्या भी कहते हैं, उस तिथि पर आखिर किन उपायों को करने से कष्ट दूर और कामनाएं पूरी हो सकती हैं, जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख. 

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Chaitra Amavasya 2026: भूतड़ी अमावस्या के उपाय
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Chaitra Amavasya Ke Upay: हिंदू कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की पंद्रहवी तिथि को अमावस्या कहा जाता है, जिसके स्वामी पितर माने जाते हैं. इस तिथि का महत्व तब और बढ़ जाता है जब यह चैत्र मास में पड़ती है और भूतड़ी अमावस्या कहलाती है. अमावस्या तिथि पर चंद्रमा नहीं नजर आता है, जिसके कारण अमावस्या की अंधियारी रात में नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं. यही कारण है कि भूतड़ी अमावस्या पर नकारात्मक शक्तियों से बचने और तमाम कामनाओं को पूरा करने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कई तरह के उपाय बताए गये हैं. आइए चैत्र या फिर कहें भूतड़ी अमावस्या तिथि से जुड़े अचूक ज्योतिष उपाय जानते हैं. 

चैत्र (भूतड़ी) अमावस्या 2026 कब है?

चैत्र मास में पड़ने वाली जिस अमावस्या तिथि को भूतड़ी अमावस्या वह इस साल 18 मार्च 2026 को प्रात:काल 08:25 बजे शुरू होकर अगले दिन 19 मार्च 2026 को प्रात:काल 06:52 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार चैत्र अमावस्या या फिर कहें भूतड़ी अमावस्या इस साल 19 मार्च 2026, गुरुवार के दिन पड़ेगी. 

भूतड़ी अमावस्या क्या है?

मार्च से अप्रैल मास के बीच में आने वाली चैत्र मास की अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या कहते हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार चैत्र मास की अमावस्या वाले दिन पृथ्वी पर नकारात्मक शक्तियां या फिर कहें बुरी और अतृप्त आत्माएं सक्रिय हो जाती है, जिनसे बचने के लिए इस तिथि पर तमाम तरह की पूजा करने के साथ कुछेक नियमों का विशेष रूप से पालन किया जाता है. 

चैत्र (भूतड़ी)अमावस्या के ज्योतिष उपाय 

1. जल तीर्थ में लगाएं पुण्य की डुबकी 

हिंदू मान्यता के अनुसार चैत्र मास की अमावस्या पर पुण्य की प्राप्ति के लिए किसी पवित्र नदी, सरोवर या समुद्र आदि में जाकर स्नान करना चाहिए. मान्यता है कि जल तीर्थ पर आस्था के साथ लगाई गई डुबकी जीवन से जुड़े सारे दोष को दूर करके पितरों का आशीर्वाद दिलाती है. 

2. बुरी शक्तियों से बचाएगा हनुमान चालीसा का पाठ 

हिंदू मान्यता के अनुसार चैत्र अमावस्या या फिर कहें भूतड़ी अमावस्या के दिन नकारात्मक शक्तियां जरा ज्यादा ही ​सक्रिय हो जाती हैं, ऐसे में उनके प्रभाव से बचने के लिए व्यक्ति को इस दिन पूजा में विशेष रूप से हनुचान चालीसा का पाठ करना चाहिए. 

3. मंत्र से दूर होंगे सारे दुख और डर 

हिंदू धर्म में मंत्र जप को तमाम तरह की पीड़ाओं को दूर करने और कामनाओं को पूरा करने का बड़ा जरिया माना गया है. ऐसे में चैत्र अमावस्या के दिन बुरी शक्तियों के प्रभाव से बचने, दुखों को दूर करने और तन-मन से जुड़े कष्टों से मुक्ति पाने के लिए व्यक्ति को पूजा में रुद्राक्ष की माला से महादेव का महामृत्युंजय मंत्र जपना चाहिए. इसी प्रकार इस तिथि पर गायत्री माता के जप का भी काफी ज्यादा पुण्यफल माना गया है. 

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4. शत्रु पर विजय दिलाने वाला उपाय

ज्योतिष के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को विरोधियों या फिर शत्रुओं से खतरा बना रहता हो तो उसे चैत्र मास की अमावस्या तिथि पर काले कुत्ते को तेल की चुपड़ी रोटी खिलना चाहिए. 

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5. इस उपाय से बरसेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद 

यदि आपको हर समय आर्थिक दिक्कतों से जूझते रहते हैं तो आपको धन की देवी माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए चैत्र अमावस्या पर पीपल के पेड़ की विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए. माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए भूतड़ी अमावस्या वाले दिन पीपल के पेड़ के नीचे शुद्ध घी लाल बाती वाला दीया जलाएं. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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