Chaitra Amavasya 2026: बुरी बलाओं से बचना है तो चैत्र अमावस्या के दिन भूलकर न करें ये 6 काम

Chaitra Amavasya 2026: हिंदू धर्म में जिस चैत्र अमावस्या तिथि पर स्नान-दान, पूजा-पाठ के साथ पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध आदि का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है, उस आखिर किन गलतियों के कारण व्यक्ति को पुण्य की जगह पाप लगता है? चैत्र अमावस्या के दिन आखिर कौन से काम नहीं करने चाहिए, जानने के लिए पढ़ें ये लेख.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Chaitra Amavasya 2026 Rules: चैत्र अमावस्या पर भूलकर भी न करें ये बड़ी गलतियां
NDTV

Chaitra Amavasya Ke Niyam: हिंदू कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की पंद्रहवीं तिथि को अमावस्या कहलाती है. पितरों के लिए समर्पित तिथि का सनातन परंपरा में बहुत ज्यादा धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व माना गया है. अमावस्या तिथि वाले दिन जहां तमाम तरह की साधना-आराधना करने पर तमाम तरह के कष्ट दूर और कामनाएं पूरी होती हैं, वहीं इस तिथि पर कुछेक गलतियां या फिर कहें भूल आपकी परेशानी का बड़ा कारण बन सकती है. आइए विस्तार से जानते हैं कि चैत्र अमावस्या के दिन आखिर वो कौन से काम हैं, जिन्हें भूल कर भी नहीं करना चाहिए. 

चैत्र अमावस्या पर भूलकर न करें ये गलतियां (Don't Make These Mistakes on Chaitra Amavasya)

  • हिंदू मान्यता के अनुसार किसी भी मास की अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है और इस दिन पितर धरती पर आते हैं. ऐसे में इस दिन तर्पण, श्राद्ध आदि करके उन्हें संतुष्ट और प्रसन्न करने का विधान है, लेकिन जो लोग इस दिन ऐसा न करके उनकी निंदा, आलोचना या फिर कहें उन्हें कोसते हैं, उन्हें पितृ दोष लगता है, जिसके कारण उन्हें तमाम तरह के कष्टों को भोगना पड़ता है. ऐसे में यदि ​अमावस्या पर भले ही उनके लिए पूजा न कर पाएं लेकिन उन्हें कोसने की भूल बिल्कुल न करें. 
  • हिंदू मान्यता के अनुसार चैत्र मास की अमावस्या किसी जल तीर्थ पर जाकर स्नान करने पर जहां पुण्य की प्राप्ति होती है, वहीं इस दिन स्नान न करने वाले व्यक्ति पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है. मान्यता है कि अमावस्या की रात अमावस्या पर नकारात्मक शक्ति ऐसे लोगों पर हावी होने लगती है, जिसके कारण वह गलत कार्यों में लिप्त होकर बड़ी गलतियां करने लगता है.
  • हिंदू मान्यता के अनुसार अमावस्या तिथि पर व्यक्ति को भूलकर भी तामसिक चीजों जैसे शराब, मांस, प्याज-लहसुन आदि का बिल्कुल भी सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने पर पितर नाराज होते हैं और व्यक्ति की सकारात्मक सकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है. मान्यता है कि चैत्र अमावस्या पर इस नियम की अनदेखी करने वाले व्यक्ति इस तिथि का पुण्यफल नहीं प्राप्त होता है. 
  • अमास्या तिथि पर तिल, तेल और नमक आदि चीजों को नहीं खरीदना चाहिए और न ही इस दिन काले रंग के कपड़े पहनना चाहिए. मान्यता है कि काले रंग की तरफ नकारात्मक ऊर्जाएं तेजी से आकर्षित होती हैं और यह रंग अवसाद और अशुभता का प्रतीक माना जाता है. 

Chaitra Bhutdi Amavasya 2026: चैत्र अमावस्या को क्यों कहते हैं भूतड़ी अमावस्या, जानें इससे जुड़े 5 पावरफुल उपाय

  • ज्योतिष में चंद्रमा को 'मन का देवता' माना गया है और जब अमावस्या की रात जब चंद्रमा नहीं नजर आता है तो इसका सबसे ज्यादा असर भावुक या फिर अवसाद से घिरे लोगों पर पड़ता है. ऐसे में इस दिन व्यक्ति को लोगों के साथ वाद-विवाद करने की बजाय मौन रहने का प्रयास करना चाहिए. 
  • अमावस्या के दिन तमाम तरह के नियमों के पालन करने के साथ व्यक्ति को अपने बाल और नाखून कटवाने से बचना चाहिए. इसी प्रकार अमावस्य पर तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए और न ही इस दिन किसी मांगलिक या महत्वूपर्ण कार्य की शुरुआत करनी चाहिए.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Bharat Ki Baat Batata Hoon | Iran Israel War: Khamenei के बेटे बने नए Supreme Leader