Baglamukhi Mata Ka Mandir Kahan Hai: सनातन परंपरा में शक्ति की साधना सभी दुखों को दूर करके सुख-सौभाग्य दिलाने वाली मानी गई है. वैशाख मास के शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि पर इसी शक्ति के दिव्य स्वरूप मां बगलामुखी की जयंती मनाई जाती है. दस महाविद्या में आठवीं बगलामुखी माता के देश में कई ऐसे पावन धाम हैं, जहां पूरे साल भक्तों की भारी भीड़ जुटी रहती है. माता के जिन सिद्ध मंदिरों में माथा टेकते ही संतरी से लेकर मंत्री तक के सपने पूरे होते हैं और जहां पूजा करने के बाद ज्ञात-अज्ञात शत्रु का भय दूर हो जाता है, आइए तंत्र और मंत्र को सफल बनाने वाली इस देवी बगलामुखी के पावन धाम के बारे में विस्तार से जानते हैं.
दतिया की मां पीतांबरा
मां बगलामुखी के 5 पावन धाम में सबसे पहले बात करते हैं दतिया स्थित माम पीतांबरा के शक्तिपीठ की, जहां पर पूरे साल शक्ति के साधक माता की साधना-आराधना के लिए पहुंचते हैं. चूंकि माता रंग स्वर्ण के समान पीले रंग की आभा लिए हुए है, इसी मां बगलामुखी को पीतांबरा भी कहा जाता है. हिंदू मान्यता के अनुसार देवी पीतांबरा का यह पावन धाम महाभारतकाल का बताया जाता है. चुनाव के दौरान देवी के इस मंदिर में विजय का आशीर्वाद पाने के लिए राजनेताओं की भीड़ लग जाती है. मान्यता है कि माता अपने दरबार में आए हर भक्त की झोली खुशियों से भरती हैं. मां बगलामुखी का यह मंदिर मध्य प्रदेश में झांसी और गवालियर के बीच में पड़ता है.
2. वनखंडी, हिमाचल प्रदेश
मां बगलामुखी का यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है. हिंदू मान्यता के अनुसार मां बगलामुखी के इस पावन धाम पर जाकर सच्चे मन से साधना करने पर देवी विजय का आशीर्वाद बरसाती हैं. मां बगलामुखी के इस मंदिर में भी पूरे साल आम आदमी से लेकर खास आदमी तक पहुंचते हैं. माता के इस मंदिर में अधिकांश लोग कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामले में विजय पाने या फिर अपने जीवन में आने वाली तमाम बाधाओं को दूर करने की कामना लिए यहां पहुंचते हैं.
3. मध्य प्रदेश का नलखेड़ा मंदिर
मध्य प्रदेश के नलखेड़ा नामक स्थान पर मां बगलामुखी का पावन धाम है. जिसके बारे में मान्यता है कि इसे महाभारत काल में पांडवों ने बनवाया था. हिंदू मान्यता के अनुसार इस मंदिर में मां बगलामुखी की स्वयंभू प्रतिमा है. स्थानीय लोग मां बगलामुखी को सत्तादात्री देवी के रूप में पूजते हैं. यहां पर भी बड़ी संख्या में राजनेता विजय का आशीर्वाद पाने के लिए विशेष साधना करने के लिए पहुंचते हैं. माता का आशीर्वाद पाने के लिए पीली चीजों को विशेष रूप से पूजा में अर्पित किया जाता है.
4. मां बमलेश्वरी, छत्तीसगढ़
मां बगलामुखी के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव जिले में स्थित है. पहाड़ी पर स्थित देवी के इस मंदिर को लोग मां बमलेश्वरी के नाम से पूजा करते हैं. माता के इस पावन धाम में चैत्र और आश्विन मास में बड़ा मेला लगता है. शक्ति के इस पावन धाम में मां बगलामुखी के इस दिव्य स्वरूप की पूजा करने पर साधक की हर कामना शीघ्र ही पूरी होती है.
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5. कोटला का बगलामुखी मंदिर
मां बगलामुखी का यह प्रसिद्ध मंदिर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है. पाठनकोट के रास्तें में पड़ने वाले इस पावन धाम में मां बगलामुखी की पूजा करने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं. पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर दो नदियों के संगम स्थल पर बना हुआ है. मां बगलामुखी का यह पावन धाम चारों ओर से जंगलों से घिरा हुआ है. माता के मंदिर तक पहुंचने के लिए कई सीढ़ियां चढ़कर जाना होता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)














