3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू हो चुकी है. दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है. इसी बीच एक चिंता वाली खबर सामने आई है. बाबा बर्फानी अंतर्ध्यान हो चुके हैं. यात्री अब केवल अमरनाथ गुफा का ही दर्शन कर पाएंगे. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमरनाथ यात्रा को शुरू हुए अभी बस एक ही हफ्ता बीता है और शिवलिंग पिघल गए हैं. ये खबर सुनकर बाबा बर्फानी के भक्तों में मायूसी भी देखने को मिली है.
क्या है शिवलिंग पिघलने का कारण?
पवित्र अमरनाथ गुफा के अंदर प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग यात्रा के शुरुआती दिनों में ही लगभग पूरी तरह से अंतर्ध्यान हो गया है. जानकारों का कहना है कि इसके पीछे शिवलिंग पिघलने की बड़ी वजह बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग है. इसके अलावा गुफा के आसपास लोगों की जरूरत से ज्यादा आवाजाही भी इसके पीछे का एक कारण माना जा रहा है. गौरतलब है कि पिछले 3 सालों से ये देखा जा रहा है कि पवित्र हिमलिंग एक हफ्ते से ज्यादा समय तक नहीं टिक पा रहा है और यात्रा शुरू होने के कुछ दिनों बाद ही पिघल जाता है.
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85 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
अमरनाथ यात्रा शुरू होने के महज चार दिनों के भीतर 85,779 श्रद्धालु बाबा बर्फानी के गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं. सोमवार को 28,818 श्रद्धालुओं ने गुफा में पहुंचकर बाबा अमरनाथ के दर्शन किए. प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अधिकारियों के मुताबिक, 3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी है. सोमवार को दिनभर कई इलाकों में तेज बारिश हुई. खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम, दोनों मार्गों से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुफा तक पहुंचे और बाबा बर्फानी के दर्शन किए.
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं. दोनों बेस कैंपों और यात्रा मार्ग पर रुकने वाले स्थानों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा जगह-जगह लंगर लगाए गए हैं, जहां यात्रियों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके अलावा बालटाल, नुनवान पहलगाम से लेकर पवित्र गुफा तक हजारों टेंट भी लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को ठहरने में किसी तरह की परेशानी न हो.
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