Adhika Masik Durgashtami 2026: कल है अधिक मासिक दुर्गाष्टमी, जानिए महत्व, शुभ समय और अनुष्ठान

Adhika Masik Durgashtami 2026: दुर्गाष्टमी हर महीने की शुक्ल पक्ष की आठवीं तिथि यानी अष्टमी को आती है और यह मां दुर्गा को समर्पित होती है. इस बार अधिक मासिक दुर्गाष्टमी 23 मई को पड़ रही है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Adhika Masik Durgashtami 2026
file photo

Adhika Masik Durgashtami: अधिकमाह शुरू होने के बाद अधिक मासिक दुर्गाष्टमी एक खास आध्यात्मिक समय है, जो मां दुर्गा के भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. हिंदू कैलेंडर में समय-समय पर अधिक मास यानी एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिससे चंद्र और सौर कैलेंडर में संतुलन बना रहे. इस महीने को बहुत पवित्र माना जाता है. इस दौरान लोग पूजा-पाठ, दान, आत्मचिंतन और भक्ति में ज्यादा ध्यान देते हैं. इसी अधिक मास के दौरान आने वाली एक खास तिथि है अधिक मासिक दुर्गाष्टमी, जो माता दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित होती है. Drik Panchang के अनुसार, साल 2026 में अधिक मास दुर्गाष्टमी 23 मई को पड़ेगी. इस दिन भक्त माता दुर्गा की पूजा करते हैं और उनसे शक्ति, सुरक्षा और आशीर्वाद की कामना करते हैं. यह दिन मां दुर्गा की भक्ति करने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा पाने का खास अवसर माना जाता है.

अधिक मासिक दुर्गाष्टमी शुभ समय

  • अष्टमी तिथि प्रारंभ- 23 मई को सुबह 05:04 बजे
  • अष्टमी तिथि समापन- 24 मई को सुबह 04:27 बजे
  • अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:51 - दोपहर 12:45
  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:04 - सुबह 04:45

अधिक मासिक दुर्गाष्टमी क्या है?

दुर्गाष्टमी हर महीने की शुक्ल पक्ष की आठवीं तिथि यानी अष्टमी को आती है और यह मां दुर्गा को समर्पित होती है. जब यह अष्टमी अधिक मास में पड़ती है, तो इसे अधिक मासिक दुर्गाष्टमी कहा जाता है. इस दिन पूजा-पाठ करना और आत्मचिंतन करना ज्यादा शुभ माना जाता है. अधिक मास कभी-कभी कैलेंडर को संतुलित रखने के लिए आता है. यह महीना खासतौर पर भक्ति और आध्यात्मिक साधना के लिए माना जाता है. इस दौरान लोग पूजा और ध्यान करते हैं, दान-पुण्य करते हैं, धार्मिक ग्रंथ पढ़ते हैं, व्रत रखते हैं और भगवान की आराधना करते हैं. कई लोग इस महीने में अपने जीवन को शांत और आध्यात्मिक बनाने की कोशिश करते हैं.

यह भी पढ़ें:- Bakrid 2026: बकरीद 2026 कब है? जानिए भारत और सऊदी में कब मनाई जाएगी ईद-उल-अजहा?

अधिक मासिक दुर्गाष्टमी पूजा अनुष्ठान

व्रत संकल्प- सुबह स्नान के बाद लाल वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लें.

देवी पूजा- दुर्गा जी की मूर्ति के सामने घी का दीपक और अखंड ज्योति जलाएं.

भोग- मां दुर्गा को लाल फूल, सिंदूर, फल और मिठाई अर्पित करें.

मंत्र जाप- "ॐ दुं दुर्गायै नमः" का जाप करें.

व्रत समापन- संध्याकाल में पूजा के बाद फलाहार ग्रहण कर व्रत खोलें.
 

Featured Video Of The Day
PoK में ढेर आतंकी बुरहान हमजा का वीडियो, जिहाद का टीचर और लग्जरी कारों का था शौकीन
Topics mentioned in this article