Adhik Skanda Shashthi 2026: स्कंद षष्ठी पर भगवान कार्तिकेय की पूजा का क्या है महत्व? जानें इससे जुड़े 5 बड़े लाभ

Adhik Skanda Shashthi 2026 Significance: पंचांग के अनुसार आज अधिक स्कंद षष्ठी का व्रत रखा जाएगा. हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान शिव और पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय की पूजा के लिए समर्पित इस पावन तिथि का महत्व तब और भी ज्यादा बढ़ जाता है, जब यह अधिक मास या फिर कहें पुरुषोत्तम मास में पड़ती है. अधिक स्कंद षष्ठी व्रत की पूजा के लाभ और धार्मिक महत्व को जानने के लिए पढ़ें ये लेख.

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Benefits of Skanda Shashthi Vrat: स्कंद षष्ठी व्रत के लाभ
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Adhik Skanda Shashthi 2026 Vrat Ke Labh: सनातन परंपरा में षष्ठी तिथि देवताओं के सेनापति माने जाने वाले भगवान कार्तिकेय की पूजा एवं व्रत आदि के लिए समर्पित है. हिंदू धर्म में भगवान कार्तिकेय को स्कंद और मुरुगन के नाम से पूजा जाता है. देवों के देव महादेव और माता पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय की पूजा जीवन से जुड़े सभी कष्टों से मुक्ति दिलाकर कामनाओं को पूरा करने वाली मानी गई है. पंचांग के अनुसार अधिक मास में पड़ने पर स्कंद षष्ठी की पूजा और भी अधिक पुण्यदायी हो गई है. आइए भगवान कार्तिकेय की पूजा के बड़े लाभ और धार्मिक महत्व को विस्तार से जानते हैं. 

1. शत्रुओं पर विजय दिलाती है भगवान कार्तिकेय की पूजा

स्कंद षष्ठी व्रत का विधि-विधान से पूजा करने वाले साधक पर भगवान कार्तिकेय का विशेष आशीर्वाद बरसता है. हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान कार्तिकेय को शौर्य का देवता माना जाता है, जिनकी कृपा बरसने पर साधक के भीतर आत्मबल और साहस आता है और वह जीवन की सभी चुनौतियों और शत्रुओं का सामना करते हुए अंत में विजय प्राप्त करता है. भगवान कार्तिकेय की पूजा करने वाले साधक की शत्रु बाधा दूर होती है. स्कंद षष्ठी व्रत के पुण्य प्रभाव से साधक गुप्त और प्रकट शत्रुओं को परास्त करके सभी सुखों को भोगता है. 

2. संतान सुख दिलाता है स्कंद षष्ठी का व्रत

हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी व्रत की पूजा संतान सुख दिलाने वाली मानी गई है. मान्यता है कि भगवान कार्तिकेय के लिए रखे जाने वाले इस व्रत के पुण्य प्रभाव से संतान सुख में आ रही बाधा दूर होती है. यह व्रत नि:संतान लोगों को संतान सुख दिलाता है और जिन लोगों की पहले से ही संतान होती है, उन्हें सुख और सौभाग्य प्रदान करता है. 

3. भगवान मुरुगन की पूजा से बढ़ता है आत्मविश्वास और साहस

हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान कार्तिकेय को शौर्य और साहस का देवता माना जाता है. ऐसे में भगवान कार्तिकेय या फिर कहें मुरुगन की पूजा करने पर साधक के सभी मानसिक कष्ट दूर और मनोकामना पूरी होती है. जिस व्यक्ति पर भगवान मुरुगन की कृपा बरसती है, उसके भीतर आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है. स्कंद षष्ठी व्रत के पुण्य प्रभाव से साधक निर्भय होकर जीवन जीता है और उसे जीवन में किसी भी प्रकार को कोई भय नहीं सताता है. 

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4. भगवान कार्तिकेय के आशीर्वाद खूब बढ़ता है करियर और कारोबार 

हिंदू मान्यता के अनुसार स्कंद षष्ठी का व्रत परीक्षा-प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे छात्रों और करियर-कारोबार में तरक्की की कामना करने वालों के लिए अत्यधिक फलदायी माना गया है. मान्यता है कि स्कंद षष्ठी पर विधि-विधान से भगवान कार्तिकेय की पूजा और व्रत करने वाले साधक के भीतर एकाग्रता बढ़ती है और वह भगवान मुरुगन के आशीर्वाद से पूरे मनोयोग से अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रयास करता है. भगवान कार्तिकेय के आशीर्वाद और स्कंद षष्ठी व्रत के पुण्य प्रभाव से उसे करियर और कारोबार में मनचाही सफलता प्राप्त होती है. 

5. स्कंद षष्ठी व्रत की पूजा से पूरे होंगे कठिन कार्य

हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान कार्तिकेय की पूजा कठिन से कठिन कार्य को पूरा करने वाली मानी गई है. ऐसे में आज शत्रुओं पर विजय और कार्यों में मनचाही सफलता पाने के लिए नीचे दिये गये मंत्रों का जप अधिक से अधिक करें - 

'देव सेनापते स्कंद कार्तिकेय भवोद्भव. 
कुमार गुह गांगेय शक्तिहस्त नमोस्तु ते॥' 

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ॐ शारवाना-भावाया नम:
ज्ञानशक्तिधरा स्कंदा वल्लीईकल्याणा सुंदरा
देवसेना मन: कांता कार्तिकेया नामोस्तुते.

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