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एग्जाम से 3 हफ्ते पहले हुआ चिकन पॉक्स, 7 दिन छूटी पढ़ाई; JEE Advanced AIR-1 शुभम की कहानी

JEE Advanced 2026 में टॉप करने वाले शुभम कुमार बिहार के गया से हैं, उन्होंने अपनी इस सक्सेस की पूरी कहानी एनडीटीवी के साथ शेयर की है और बताया है कि कैसे बीमार होने के बावजूद उन्होंने अपने टारगेट को पूरा किया.

एग्जाम से 3 हफ्ते पहले हुआ चिकन पॉक्स, 7 दिन छूटी पढ़ाई; JEE Advanced AIR-1 शुभम की कहानी
JEE Advanced टॉप करने वाले शुभम की कहानी

JEE Advanced 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने वाले शुभम कुमार इन दिनों लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं. बिहार के गया जिले के एक साधारण परिवार से आने वाले शुभम ने 360 में से 330 अंक प्राप्त कर देशभर में पहला स्थान हासिल किया है. लेकिन इस सफलता के पीछे सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि चुनौतियों से लड़ने का जज्बा भी छिपा है. शुभम ने NDTV से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि परीक्षा से करीब तीन हफ्ते पहले उन्हें चिकन पॉक्स हो गया था. बीमारी के कारण लगभग सात दिन तक पढ़ाई पूरी तरह बंद रही. इसके बाद भी सामान्य दिनचर्या में लौटने और पढ़ाई की रफ्तार पकड़ने में तीन से चार दिन का अतिरिक्त समय लगा. 

लक्ष्य पर था पूरा फोकस 

शुभम भले ही चिकन पॉक्स जैसी बीमारी से पीड़ित थे, लेकिन इस मुश्किल दौर ने उनके आत्मविश्वास को कमजोर नहीं किया. शुभम कहते हैं, "हर चुनौती मेरे लिए मोटिवेशन होती है. मैंने कभी भी प्रेशर को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. मेरा पूरा फोकस सिर्फ अपने लक्ष्य पर था." पिछले दो वर्षों से कोटा में तैयारी कर रहे निजी कोचिंग क्लासरूम स्टूडेंट शुभम ने बीमारी से उबरने के बाद अपनी पढ़ाई का समय बढ़ाया और परीक्षा तक लगातार मेहनत जारी रखी. सामान्य दिनों में वे 6 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे, जबकि परीक्षा के नजदीक आते ही उन्होंने अपनी तैयारी को और तेज कर दिया.

परिवार और टीचर्स का मिला साथ

शुभम का मानना है कि उनकी सफलता के सबसे बड़े आधार उनके शिक्षक और परिवार रहे. उनके पिता शिवकुमार गया में हार्डवेयर व्यवसायी हैं, जबकि मां कंचन देवी गृहिणी हैं. बड़ी बहन IIT पटना में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रही हैं. शुभम कहते हैं कि परिवार के विश्वास और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें हर मुश्किल समय में संभाला. उन्होंने बताया कि वे क्लास में पढ़ाए गए टॉपिक्स को उसी दिन रिवाइज करते थे, रोजाना प्रश्नों की प्रैक्टिस करते थे और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देते थे. जब भी कोई विषय कठिन लगता, तो बार-बार डाउट पूछकर उसे क्लियर करते थे.

IIT बॉम्बे जाने की तैयारी

जेईई मेन में 100 परसेंटाइल और ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने वाले शुभम अब आईआईटी बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे हैं. वहीं लगातार दो साल की कठिन तैयारी के बाद अब वे दोस्तों के साथ किसी ठंडे प्रदेश में घूमने जाने का भी प्लान बना रहे हैं.
शुभम की कहानी उन लाखों छात्रों के लिए एक संदेश है जो तैयारी के दौरान दबाव, तनाव या किसी चुनौती का सामना कर रहे हैं. उनका कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, लेकिन अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो मुश्किलें भी मंजिल का रास्ता नहीं रोक सकतीं.

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