Laborer son abhay gupta success story: मध्य प्रदेश के सीधी जिले से अभय गुप्ता ने वो कर दिखाया है, जिसे करने का सपना हर छात्र का होता है. अभय गुप्ता की कहानी लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है. दिहाड़ी मजदूरी करने वाले पिता के बेटे अभय गुप्ता ने एमपी बोर्ड 10वीं परीक्षा में 500 में से 498 अंक हासिल किए. बेटे की सफलता पर पिता की आंखों में खुशी थी, लेकिन उनकी एक बात ने लोगों को भावुक कर दिया- 'मेरे पास लोगों को मिठाई खिलाने तक के पैसे नहीं थे।'
पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं
रिपोर्ट्स के अनुसार, अभय गुप्ता के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और परिवार का खर्च चलाने के लिए रोज मेहनत करते हैं. सीमित आय में घर चलाना ही मुश्किल था, लेकिन उन्होंने बेटे की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी. अभय भी समझता था कि उसके माता-पिता कितनी मुश्किलों से गुजर रहे हैं, इसलिए उसने अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगाया. जहां कई छात्रों के पास महंगे कोचिंग संस्थान और बेहतर सुविधाएं होती हैं, वहीं अभय ने सीमित संसाधनों में खुद को साबित किया.
पिता का भावुक बयान
अभय गुप्ता के पिता को जब बेटे के रिजल्ट का पता चला तो वे भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि वे अपनी खशी शब्दों में बयां नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन उनके पास इतने पैसे नहीं है कि वे लोगों को मिठाई तक खिला सकें. पिता का ये भावुक बयान सुनकर लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक छात्र की सफलता नहीं, बल्कि उन लाखों परिवारों की कहानी है जो आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद अपने बच्चों को पढ़ाने का सपना देखते हैं.
अभय गुप्ता की पढ़ने की जिद
बेहद साधारण परिवार से आने वाले अभय गुप्ता ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया. घर की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि कई बार पढ़ाई जारी रखना भी चुनौती बन गया. लेकिन अभय ने हालात को कमजोरी नहीं बनने दिया. उसने लगातार मेहनत की और अनुशासन व लगन के दम पर शानदार सफलता हासिल की.
अब मिल रही है प्रशंसा
अभय गुप्ता ने सीधी जिले से राज्य में 10वीं बोर्ड की मेरिट लिस्ट में दूसरा स्थान हासिल किया है. इस कामयाबी के बाद उन्हें जिला व राज्य स्तर पर काफी प्रोत्साहन मिल रहा है.
कक्षा 10वीं में प्रदेश स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त कर जिले का नाम गौरवान्वित करने वाले छात्र अभय गुप्ता को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा सम्मानित किया गया। अभय को उच्च गुणवत्ता का टैबलेट प्रदान किया गया तथा उनकी आगे की शिक्षा में हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया गया।#Sidhi pic.twitter.com/eRbXbsjULh
— Collector Sidhi (@SidhiCollector) April 21, 2026
✨ मेहनत का सम्मान– Star of the Month
— Collector Sidhi (@SidhiCollector) April 16, 2026
कलेक्टर श्री विकास मिश्रा ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
🏆 10वीं: अभय गुप्ता प्रदेश में द्वितीय, जिले में प्रथम
🏆 12वीं : लवकुश तिवारी प्रदेश में 10वां, जिले में प्रथम
सीमित संसाधनों मे बड़ी सफलता, अभिभावकों का भी सम्मान।#Sidhi pic.twitter.com/l16O2R6VbX
अभय की कहानी से क्या सीख सकते हैं
ये कहानी सिखाती है कि अगर कुछ करने की जिद ठान लो तो तमाम कठिनाइयां भी इसमें बाधा नहीं डाल सकती हैं. फिर एक समय ऐसा भी आता है जब संघर्ष कहानी बन जाता है और लोग उसकी सक्सेस स्टोरी बनाकर सुनाते हैं.
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