विज्ञापन

UGC के नए नियमों के तहत शिकायत कैसे करें? ऑनलाइन पोर्टल से हेल्पलाइन तक, ये है पूरी जानकारी

UGC Rules 2026 : कॉलेजों में भेदभाव रोकने के लिए UGC के नए नियम 2026 लागू. जानें छात्र कैसे कर सकते हैं शिकायत और नियमों का उल्लंघन करने पर कॉलेजों पर क्या होगी कार्रवाई.

UGC के नए नियमों के तहत शिकायत कैसे करें? ऑनलाइन पोर्टल से हेल्पलाइन तक, ये है पूरी जानकारी
Step Online Complaint UGC : कॉलेज में भेदभाव हुआ तो अब खैर नहीं! UGC के नए नियमों ने कसी कमर, जानें छात्रों के पास क्या हैं अधिकार

College Discrimination Rules : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने साल 2026 के अपने नए सख्त नियमों के जरिए छात्रों को एक ऐसा हथियार दिया है, जिससे वे अपनी आवाज मजबूती से उठा सकते हैं. अब अगर आपके साथ कैंपस में किसी भी तरह का भेदभाव होता है, तो आपको चुपचाप सहने की जरूरत नहीं है. UGC ने शिकायत दर्ज कराने की पूरी प्रक्रिया को न केवल डिजिटल और आसान बना दिया है, बल्कि इसे बेहद सुरक्षित भी रखा है. आइए जानते हैं, ऑनलाइन पोर्टल से लेकर 24 घंटे की हेल्पलाइन तक, आप अपनी शिकायत कैसे और कहां दर्ज कर सकते हैं ताकि दोषी संस्थान पर तुरंत एक्शन हो सके.

यूजीसी में शिकायत दर्ज करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका - how to File complaint ugc new rules 2026 caste discrimination

ऑनलाइन पोर्टल पर करें शिकायत दर्ज

UGC के नए नियमों के मुताबिक, हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी को अपनी वेबसाइट पर एक विशेष लिंक देना होगा. यहां आप अपनी शिकायत घर बैठे ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं. इसके लिए आपको बस कॉलेज की वेबसाइट के 'Grievance' या 'EOC' सेक्शन में जाना होगा.

24 घंटे हेल्पलाइन नंबर पर करें कॉल

हर संस्थान के लिए अब एक 'इक्विटी हेल्पलाइन' चलाना जरूरी है. यह नंबर 24 घंटे चालू रहेगा. आप कभी भी इस पर फोन करके अपनी परेशानी बता सकते हैं.

ईमेल के जरिए भी कर सकतें हैं कंप्लेन

आप कॉलेज के 'समान अवसर केंद्र' (Equal Opportunity Centre - EOC) को एक औपचारिक ईमेल भी भेज सकते हैं. यह ईमेल एक लिखित सबूत के तौर पर काम करता है.

ऑफलाइन या लिखित शिकायत

अगर आप चाहें तो कॉलेज जाकर सीधे 'समान अवसर केंद्र' में अपनी लिखित शिकायत जमा कर सकते हैं.

सबसे जरूरी बात

अगर आप चाहते हैं कि किसी को पता न चले कि शिकायत किसने की है, तो आप अपनी पहचान गोपनीय (Secret) रखने का अनुरोध कर सकते हैं. नियम के मुताबिक, कॉलेज को आपकी पहचान छुपानी होगी.

यह भी पढ़ें-UGC के नए नियम पर क्यों मचा है बवाल? आसान भाषा में समझें क्या है ये पूरा विवाद

शिकायत के बाद क्या होगा?

शिकायत मिलते ही कॉलेज की 'इक्विटी कमेटी' को तुरंत एक्टिव होना पड़ेगा. इस कमेटी में SC, ST, OBC और महिलाओं का होना अनिवार्य है, ताकि फैसला निष्पक्ष हो.

यह कमेटी मामले की जांच करेगी और कॉलेज के हेड (प्रिंसिपल या कुलपति) को अपनी रिपोर्ट देगी. अगर मामला ज्यादा गंभीर है और कानून का उल्लंघन है, तो कॉलेज को तुरंत पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज करानी होगी.

फैसला पसंद न आए तो क्या करें?

अगर आप कॉलेज कमेटी के फैसले से खुश नहीं हैं, तो निराश होने की जरूरत नहीं है. आप 30 दिनों के भीतर 'लोकपाल' (Ombudsman) के पास अपील कर सकते हैं. लोकपाल एक तय समय के अंदर आपके मामले को दोबारा देखेगा और इंसाफ सुनिश्चित करेगा.

नियम तोड़ने वाले कॉलेजों का क्या होगा?

UGC ने साफ चेतावनी दी है कि जो कॉलेज इन नियमों को हल्के में लेंगे, उन पर भारी जुर्माना लग सकता है. उनकी सरकारी ग्रांट रोकी जा सकती है और यहां तक कि उनकी डिग्री की मान्यता भी खत्म की जा सकती है.
 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com