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CBSE री-इवैल्यूएशन पेमेंट गेटवे को लेकर बड़ा अपडेट, बोर्ड ने बताया क्या-क्या हैं विकल्प

CBSE के हजारों छात्र रोजाना वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर आ रहे हैं और कॉपियों की री-चेकिंग के लिए आवेदन कर रहे हैं. इसी बीच बोर्ड ने बताया है कि छात्रों की पेमेंट के लिए चार बैंक मौजूद हैं, लेकिन इनमें अकाउंट होना जरूरी नहीं है.

CBSE री-इवैल्यूएशन पेमेंट गेटवे को लेकर बड़ा अपडेट, बोर्ड ने बताया क्या-क्या हैं विकल्प
CBSE छात्रों के लिए पेमेंट के कई विकल्प, बोर्ड ने दी जानकारी

CBSE के ऑन स्क्रीन मार्किंग को लेकर मचे बवाल के बीच बोर्ड में कई तरह के बदलाव हो चुके हैं. चेयरमैन पद से राहुल सिंह को हटाकर उनकी जगह IAS लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया बॉस बनाया गया है. इसी बीच री-इवैल्यूएशन करवाने वाले छात्रों के लिए बोर्ड की तरफ से एक जरूरी अपडेट दिया गया है, जिसमें बताया गया है कि पेमेंट के लिए चार बैंक अपनी सेवा दे रहे हैं और इसके लिए जरूरी नहीं है कि इन बैंकों में छात्रों या उनके पेरेंट्स का खाता हो, बिना इसके भी छात्र अपनी कॉपी री-चेकिंग की फीस दे सकते हैं. 

बैंक में खाता होना जरूरी नहीं

CBSE की तरफ से किए गए एक पोस्ट में लिखा है, "वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर SBI, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के पेमेंट गेटवे मौजूद हैं. पेमेंट पूरा करने के लिए छात्रों का इन बैंकों में अकाउंट होना जरूरी नहीं है, पेमेंट के लिए वो इनमें से किसी भी गेटवे का इस्तेमाल कर सकते हैं". इसके साथ ही सीबीएसई ने ये भी बताया है कि कितने मोड से पेमेंट किया जा सकता है. 

छात्रों के लिए ऑनलाइन पेमेंट करने के कई विकल्प दिए गए हैं. इनमें UPI, नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए चारों बैंकों में से किसी का भी पेमेंट गेटवे चुनना होगा. 

40 हजार से ज्यादा छात्र कर चुके हैं आवेदन

सीबीएसई ने बताया है कि आज सुबह 9:30 बजे तक, लगभग 40,000 छात्र इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं. ये सभी बिना किसी परेशानी के री-इवैल्यूएशन का प्रोसेस पूरा कर चुके हैं. इससे पहले 2 जून की सुबह जब पोर्टल एक्टिव हुआ था, तब कुछ छात्रों ने लॉगइन फेल होने जैसी शिकायतें की थीं.  

IIT एक्सपर्ट्स की निगरानी में पोर्टल

सीबीएसई के ऑन स्क्रीन मार्किंग के बाद सबसे ज्यादा विवाद वेबसाइट पर आने वाले ग्लिच और कमजोर सिक्योरिटी फीचर्स को लेकर हुआ. छात्रों और विपक्ष के नेताओं के लगातार दबाव के बाद सीबीएसई ने पोर्टल की कमियों को दूर किया और इसके लिए आईआईटी के एक्सपर्ट्स का सहारा लिया. अब इन्हीं एक्सपर्ट्स की निगरानी में पोर्टल काम कर रहा है. फिलहाल छात्रों की तरफ से कोई ताजा शिकायतें नहीं आ रही हैं. 

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