- दिल्ली के भूजल में यूरेनियम का स्तर सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार 13 से 15 प्रतिशत बढ़ा है
- दिल्ली में 86 स्थानों से लिए गए पानी के सैंपल में यूरेनियम के साथ नाइट्रेट और फ्लोराइड भी मिला है
- दिल्ली में रोजाना लगभग 450 एमएलडी पानी 5500 ट्यूबवेल से लोगों को सप्लाई किया जाता है
अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो आपको ये खबर थोड़ा परेशान कर सकती है. दरअसल, दिल्ली के पानी में यूरेनियम के स्तर के बढ़ने की बात सामने आई है. ये खुलासा हुआ है सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड की रिपोर्ट में. आपको बता दें कि सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड हर साल देशभर के भूजल (ग्राउंड वाटर) की समय समय पर जांच करता है. इसी जांच के दौरान जब दिल्ली के भूजल की जांच की गई तो इसमें यूरेनियम की मात्रा खतरनाक स्तर पर मिली. नंवबर में जारी रिपोर्ट में दिल्ली के भूजल सैंपल में यूरेनियम का स्तर 13-15 फ़ीसदी बढ़ा हुआ मिला है. ये सैंपल पूर्व मानसून और मानसून के बाद लिया गया था.
इस जांच में दिल्ली के भूजल में यूरेनियम के अलावा नाइट्रेट, फ्लोराइड जैसे ख़तरनाक रसायन भी मिले हैं. जानकारों के अनुसार भूजल में यूरेनियम और दूसरे रसायनों के स्तर में बढ़ोतरी इसलिए भी बहुत गंभीर विषय है क्योंकि दिल्ली में करीब 5500 ट्यूबवेल से रोज़ाना करीब 450 MLD पानी की सप्लाई लोगों के घरों में होता है. ऐसे में ये आम लोगों के सेहत पर सीधे तौर पर असर डाल सकता है.
86 सैंपल की हुई थी जांच
दिल्ली में सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड ने अलग अलग जगहों पर 86 पानी के सैंपल लिए थे. अर्थ वॉरियर के पंकज ने इस रिपोर्ट पर कहा कि इस संबंध में दिल्ली जल बोर्ड को एक पत्र भी उनकी संस्था की ओर से लिखा गया है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि जलबोर्ड एक एक्शन प्लान बनाएं ताकि ट्यूबवेल के पानी का BIS तरीक़े से ट्रीटमेंट करके फिर पानी की सप्लाई की जाए ताकि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ न हो. इसके अलावा जिन ट्यूबवेल के पानी सैंपल में यूरेनियम मिला है उसकी जानकारी भी दी जाए.
पंजाब और हरियाण की खराब है स्थिति
पूरे भारत के अलग-अलग राज्यों में करीब 3754 पानी के सैंपल लिए गए थे. उनमें सबसे ज्यादा यूरेनियम पंजाब में मिला जहां आधे भूजल के सैंपल में यूरेनियम मिला. जबकि इसके बाद हरियाणा है जहां 15-23 फ़ीसदी सैंपल में यूरेनियम बढ़ा पाया गया जबकि दिल्ली में करीब 13-15 फ़ीसदी तक भूजल के सैंपल में यूरेनियम मिला है..
भूजल कहां से आता है यूरेनियम
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, कर्नाटक और उप्र के भूजल में यूरेनियम मिलना काफ़ी गंभीर माना जा रहा है. जानकारों के मुताबिक़ भूजल में यूरेनियम मिलने का सबसे बड़ा कारण फास्फेट फर्टिलाइजर को माना जा रहा है. जो बड़े पैमाने पर खेती के लिए प्रयोग किया जाता है. इसके अलावा इंडस्ट्रीज़ और प्राकृतिक कारणों से भी यूरेनियम भूजल में मिलता है. इंसानों के शरीर में यूरेनियम पीने के पानी के साथ ही जाता है.
यूरेनियम के क्या हैं खतरें
विशेषज्ञों के अनुसार पानी में मात्रा से अधिक यूरेनियम हो और उसे कोई इंसान लगातार पीता रहे तो उस शख्स के मूत्र नली के कैंसर से लेकर किडनी की गंभीर बीमारी हो सकीत है.यही वजह है कि यूरेनियम की अधिक मात्रा भूजल में मिलने से कई जानकार चिंतित हैं.













