पत्नियों ने मिलकर रची थी पति की हत्या का साजिश, पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सुलझाया मामला, 3 गिरफ्तार

दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस की डीसीपी ईशा पांडे ने बताया घटना की सूचना मिलते ही हमने गोविंदपुरी थाने के एसएचओ जगदीश यादव की अगुवाई में एक विशेष टीम का गठन किया था

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दिल्ली पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया हत्या का मामला
नई दिल्ली:

पति की हत्या कराने के लिए दो पत्नियों ने मिलकर साजिश रची थी. इसका खुलासा दिल्ली पुलिस की जांच में हुआ है. मामला दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके का है. पुलिस ने इस मामले को 48 घंटे के अंदर सुलझाते हुए दोनों पत्नी और मृतक की बेटी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने मृतक की पहचान संजीव कुमार के रूप में की है. वो डीटीसी में बतौर ड्राइवर काम करता था. पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपियों ने संजीव की हत्या कराने के लिए शार्प शूटर की भी मदद ली है. पुलिस फिलहाल इस हत्या में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है. पुलिस ने इस मामले में आरोपियों द्वारा इस्तेमाल में लाए गए तीन मोबाइल फोन को भी जब्त किया है. दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस की डीसीपी ईशा पांडे ने बताया घटना की सूचना मिलते ही हमने गोविंदपुरी थाने के एसएचओ जगदीश यादव की अगुवाई में एक विशेष टीम का गठन किया था. ये मामला छह जुलाई का है. हालांकि, इस हत्या की साजिश बीते कई सालों से रची जा रही थी. हमारी टीम इस अभी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है, हम जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लेंगे. 

ईशा पांडे ने बताया कि छह जुलाई को मजिदिया अस्पताल से संजीव कुमार नाम के युवक की दुर्घटना में मौत की सूचना मिली थी. इसके बाद हमारी टीम मौके पर पहुंची तो उनकी पत्नी गीता से मामले को लेकर पूछताछ की गई. पूछताछ के दौरान गीता ने पुलिस टीम को बताया कि वह अपने पति के साथ गोविंदपुर में एक बाजार में गई थी, बाजार से लौटते समय ही उनके पति की बाइक का एक्सीडेंट हो गया और वो गिर गए. इस दौरान गीता ने पति को गोली लगने की बात को पुलिस से छिपा लिया था. बाद में अस्पातल में इस बात की पुष्टि हुई की संजीव को गोली भी लगी थी. हमारी टीम ने एक बार फिर गीता से संपर्क किया. दूसरी बार पूछताछ होने पर गीता ने कालकाजी डीटीसी डिपो में काम करने वाले कर्मचारियों पर उनके पति को गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगाया. लेकिन जब हमारी टीम ने इस आरोप की जांच की तो हमे कालकाजी डिपो से हत्या कराने का कोई ठोस सुराग नहीं मिला.

इसके बाद हमारी टीम ने एक बार फिर गीता से पूछताछ की. इस बार उससे सघन पूछताछ की गई. इस दौरान उसने बताया कि घटना वाले दिन से पहले गीता ने अपने फोन से अपने पति के बाइक के नंबर प्लेट की एक फोटो ली थी, जिसे उसने किसी को भेजने के तुरंत बाद ही हटा दिया था. इस जानकारी के बाद पुलिस टीम को गीता पर शक हुआ. उससे और पूछताछ की गई तो उसने माना कि उसने अपने पति की हत्या की साजिश संजीव की पूर्व पत्नी के साथ मिलकर ही रची थी. इस साजिश में संजीव की बेटी भी उनके साथ थी.

पुलिस को आगे जांच के दौरान पता चला कि ये लोग संजीव की हत्या की साजिश बीते कई वर्षों से रच रहे थे. इस बार इन लोगों ने हत्या के लिए शार्प शूटर को भी हायर किया था. शार्प शूटर गीता के चचेरे भाई ने अरेंज कराया था. शार्प शूटर का नाम नईम है और उसने इस हत्या के लिए इनसे 15 लाख रुपये की मांग की थी. हत्या से पहले संजीव की पत्नी ने शार्प शूटर को सूचना दी कि वह संजीव के साथ 6 जुलाई को शाम करीब 6-7 बजे बाजार जाएगी. शार्प शूटर नयूम इकबाल के साथ केटीएम बाइक पर गोविंदपुरी आया और उनका पीछा किया और पेट्रोल पंप के पास स्थित एक ढाबे पर रुक गया. जब संजीव अपनी पत्नी के साथ दीपालय स्कूल, सुखदेव विहार, एनएफसी के पास पहुंचे, तो शार्प शूटर ने संजीव को गोली मार दी. 

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