- दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पूर्व रॉ अधिकारी विकास यादव के खिलाफ जबरन वसूली और अपहरण मामले में चार्जशीट
- विकास यादव को अमेरिकी ने खालिस्तानी पन्नू की हत्या की साजिश में सह-षड्यंत्रकारी के रूप में नामित किया था
- विकास यादव को 2023 में गिरफ्तार किया गया और इस मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भी नाम सामने आया था
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पूर्व रॉ (RAW) अधिकारी विकास यादव के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है. मामला जबरन वसूली और अपहरण से जुड़ा है. सूत्रों के अनुसार, विकास यादव को अमेरिकी अधिकारियों ने खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश में सह-षड्यंत्रकारी के तौर पर नामित किया था. इसी बीच दिल्ली में दर्ज एक अलग मामले में उन पर अपहरण और उगाही के आरोप लगे.
पहली चार्जशीट साल 2024 में की गई थी दाखिल
बताया जा रहा है कि इस केस में पहली चार्जशीट साल 2024 में दाखिल की गई थी. विकास यादव को 18 दिसंबर 2023 को स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने अब्दुल्ला खान (ग्रेटर नोएडा निवासी) के साथ गिरफ्तार किया था. दोनों की गिरफ्तारी रोहिणी के एक निवासी की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर के बाद हुई थी. शिकायत में आरोप था कि उन्हें अगवा किया गया और जान से मारने की सुपारी दिए जाने की बात कही गई. इस मामले में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम भी सामने आया था.
दुबई में बैठे जलालुद्दीन नाम के शख्स की एंट्री
शिकायतकर्ता का कहना था कि उसे अगवा कर बताया गया कि दुबई में बैठे जलालुद्दीन नाम के शख्स ने उसकी हत्या की सुपारी दी है. पिछले साल पुलिस ने चाणक्यपुरी से जलालुद्दीन उर्फ समीर को भी इस साजिश में कथित भूमिका के आरोप में गिरफ्तार किया था. फिलहाल तीनों आरोपी जमानत पर बाहर हैं. सूत्रों के मुताबिक, जमानत मिलने के बाद विकास यादव एक भी बार अदालत में पेश नहीं हुए. उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी थी, जिसे शुरू में अदालत ने स्वीकार कर लिया था. लेकिन बाद में जब उन्होंने छूट की अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं किया तो अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया और जमानत देने वाले शख्स को भी नोटिस भेजा.
नए सबूतों के साथ अदालत में मजबूत पक्ष रखने की तैयारी
पुलिस का कहना है कि सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जांच के दौरान जुटाए गए नए सबूत और तथ्य शामिल किए जाएंगे. अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में यह चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी जाएगी. इसी बीच, अब्दुल्ला खान को हाल ही में एक दिल्ली अदालत ने इंडोनेशिया के बाली जाने की अनुमति दी थी, जहां वह अपने दोस्त की सगाई में शामिल होना चाहता था. पिछले दो सालों में वह पासपोर्ट की अस्थायी रिहाई के लिए कई बार आवेदन दे चुका है. कुल मिलाकर, दिल्ली पुलिस इस मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुए नए तथ्यों के साथ अदालत में मजबूत पक्ष रखने की तैयारी कर रही है.














