दिल्ली में मौत का मेनहोल! अब रोहिणी के खुले नाले में गिरकर बिहार के मजदूर की मौत

बिरजू DDA की जमीन पर बने एक खुले सीवर में गिर गया था. हादसे की सूचना मिलने पर दिल्ली पुलिस और फायर डिपार्टमेंट ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसके बाद बिरजू का शव बरामद कर मौत की पुष्टि की गई.

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  • दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-32 में एक खुले सीवर में गिरने से 30 वर्षीय मजदूर बिरजू कुमार की मौत हुई है.
  • बिरजू कुमार बिहार के समस्तीपुर के मूल निवासी थे और दिल्ली में मजदूरी करते थे.
  • घटना के समय बिरजू अपने दोस्त के साथ नशे की हालत में शराब पी रहे थे और सड़क पर चल रहे थे.
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नई दिल्ली:

दिल्ली के रोहिणी स्थित बेगमपुर इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां मेनहोल में गिरने से 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई. घटना रोहिणी सेक्टर-32 के महाशक्ति काली मंदिर के पास की है. मृतक की पहचान बिरजू कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला था और दिल्ली में मजदूरी करता था.

जानकारी के मुताबिक, बिरजू DDA की जमीन पर बने एक खुले सीवर में गिर गया था. हादसे की सूचना मिलने पर दिल्ली पुलिस और फायर डिपार्टमेंट ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसके बाद बिरजू का शव बरामद कर मौत की पुष्टि की गई.

पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. मृतक बिरजू के साथ उस वक्त उसका एक दोस्त भी मौजूद था. पुलिस पूछताछ में दोस्त ने बताया कि दोनों ने दिनभर साथ बैठकर शराब पी थी और नशे की हालत में वहां से गुजर रहे थे. नशे में धुत होने के कारण बिरजू का पैर लड़खड़ाया और वह खुले नाले में जा गिरा, लेकिन उसके दोस्त को इसका अहसास तक नहीं हुआ.

 घटना वाले दिन जब बिरजू कहीं दिखाई नहीं दिया, तो साथ काम करने वाले लोगों ने उसके साथी से पूछताछ की. साथी के अनभिज्ञता जताने पर लोगों ने खुद तलाशी शुरू की, तभी सड़क किनारे एक खुले मेनहोल के पास बिरजू की चप्पलें पड़ी मिलीं. चप्पल देखते ही साथी मजदूरों का माथा ठनका और उन्हें शक हुआ कि बिरजू इसी गहरे मेनहोल में समा गया है.

मजदूरों की सूचना और मौके पर पहुंचे एक वकील की पीसीआर कॉल के बाद प्रशासन हरकत में आया. NDRF, फायर ब्रिगेड और संबंधित एजेंसियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत और सर्च ऑपरेशन के बाद बिरजू का शव बरामद किया. गंदा पानी और कई फीट की गहराई इस मजदूर की मौत का कारण बनी. लेकिन सबसे चौंकाने वाला मोड़ हादसे के बाद आया, जब अपनी खामियों को छिपाने के लिए DDA और संबंधित एजेंसियां आनन-फानन में हरकत में आईं.

हादसे के तुरंत बाद विभाग ने लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए सड़क किनारे खुले पड़े सीवरों को ढक्कन लगाकर बंद करना शुरू कर दिया. प्रशासन की यह 'लीपा-पोती' उनकी कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करती है. जनकपुरी में हाल ही में हुए इसी तरह के हादसे के बावजूद प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया.

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'आप' नेता सौरभ भारद्वाज ने एक्स पोस्ट में कहा, 'दो आदमी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 32 में सड़क पर जा रहे थे , चलते चलते उनके से एक गड्ढे में गिरा . जहाँ गिरा वो गड्ढ़ा एक गेहरा नाला था. लाश भी नहीं मिली . रेखा गुप्ता की सरकार सिर्फ़ फोटोबाज़ी और भाषणबाज़ी की नकारा सरकार है . इनको सरकार नहीं चलानी , सिर्फ़ सर्कस चलाना है. रोज़ नया सर्कस.'

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