घर पर एनिवर्सरी केक काटने के लिए इंतजार कर रहा था परिवार... पर नहीं लौटा कमल, जनकपुरी हादसे ने खुशी को मातम में बदला

दिल्ली के जनकपुरी में सीवर की खुदाई के खुले गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मौत हो गई. घर लौटते समय उसने माता-पिता से कहा था, '10 मिनट में पहुंच रहा हूं.' लेकिन जिस घर में सालगिरह का केक रखा था, वहां सुबह पुलिस उसकी मौत की खबर लेकर पहुंची.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक गहरे गड्ढे में गिरने से 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मृत्यु हुई, जो घर लौट रहा था.
  • कमल ने अपने माता-पिता की शादी की सालगिरह मनाने के लिए छुट्टी ली थी और परिवार के साथ केक काटने की तैयारी थी.
  • हादसे वाली जगह पर न तो पर्याप्त लाइटिंग थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में हुए दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशी को मात में बदल दिया. 25 वर्षीय कमल ध्यानी गुरुवार देर रात दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गहरे गड्ढे में गिरकर मौत का शिकार हो गया. शुक्रवार सुबह उसका शब और उसकी बाइक गड्ढे में पड़ी मिली.

हादसे से कुछ देर पहले कमल ने अपनी मां और पिता से कहा था कि वो बस 10 मिनट में पहुंच रहा है. लेकिन जिस घर में उसके इंतजार में सालगिरह का केक रखा था, वहां सुबह पुलिस ने उसकी मौत की खबर पहुंचाई.

मां-पिता की शादी की सालगिरह के लिए ली थी छुट्टी

कमल ने शुक्रवार को अपने माता-पिता की वेडिंग एनिवर्सरी मनाने के लिए छुट्टी ली थी. घर में कीर्तन की तैयारी थी और एक छोटी-सी पार्टी का इंतजाम किया गया था. परिजन रातभर जागकर केक के साथ इंतजार कर रहे थे. लेकिन वह दरवाजा कभी नहीं खुला.

यह भी पढ़ें- '10 मिनट में आ रहा हूं…' आखिरी कॉल के बाद कभी नहीं लौटा कमल, जनकपुरी में खुले गड्ढे ने छीनी 25 वर्षीय युवक की जान

'10 मिनट में आ रहा हूं'

कमल देर रात को काम खत्म करके घर लौट रहा था. उसके दोस्त अल्ताफ आलम ने NDTV से कहा कि कमल ने अपने परिवार वालों को कॉल पर कहा था कि वह 10 मिनट में पहुंच जाएगा. इसके बाद फोन बंद हो गया और कमल हमेशा के लिए खामोश हो गया.

खुले गड्ढे ने ले ली जान, इलाके में न लाइट, न बैरिकेडिंग

स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जगह गड्ढा खोदा गया था, वहां पर्याप्त लाइटिंग नहीं थी, न कोई चेतावनी बोर्ड, न बैरिकेडिंग थी. अब जिस जगह ग्रीन नेट और बैरिकेड लगे दिखाई दे रहे हैं, वहां गुरुवार रात कुछ भी नहीं था. इसे प्रशासनिक लापरवाही की एक और मिसाल बताया जा रहा है.

Advertisement

परिवार की रातभर तलाश, छह थानों के चक्कर

कमल के परिजनों ने रातभर उसकी तलाश में सगरपुर, डाबरी, मंगोलपुरी, जनकपुरी, पालम और रोहिणी समेत कुल छह थानों के चक्कर लगाए. परिवार का आरोप है कि किसी भी पुलिस अधिकारी ने मदद नहीं की. आखिरकार, सुबह साढ़े 6 बजे पुलिस ने फोन कर बताया कि एक शव मिला है.  और वह कमल था.

यह भी पढ़ें- बाइक सवार की मौत से उठे सवाल, जानें गड्ढा खोदने के लिए DJB के क्‍या हैं नियम और लापरवाही का जिम्‍मेदार कौन

Advertisement

कौन था कमल?

दिल्ली के पालम इलाके का रहने वाला 25 वर्षीय कमल प्राइवेट बैंक में काम करता था. वो खाने का शौकीन था. दोस्त अल्ताफ ने बताया कि वो अक्सर दोस्तों को घर के पास बिरयानी और कॉफी पर ले जाता था.  उसके पिता मंदिर में पुजारी हैं. वो घर का सहारा था. 

इस हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है. अब परिवार सिर्फ यही पूछ रहा है कि अगर बैरिकेडिंग होती, तो उनका बेटा जिंदा होता 

Advertisement

इंजीनियर निलंबित, FIR दर्ज

घटना के बाद एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. दिल्ली सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड के तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है. परिवार ने आसपास की CCTV फुटेज मांगी है. साइट प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. अल्ताफ ने कहा, 'कमल का परिवार बिखर गया है. उन्हें राजनीति नहीं, सिर्फ न्याय चाहिए. कमल सिर्फ 25 साल का था.'

Featured Video Of The Day
Pappu Yadav Arrest News: आधी रात को क्यों गिरफ्तार हुए पप्पू यादव, Patna में जमकर हुआ हंगामा | Bihar