पहले लेम्बोर्गिनी, मर्सिडीज और अब BMW, लैंड रोवर जब्त, आखिर यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी के पास है कितनी दौलत!

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. ताजा कार्रवाई में चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी के ठिकानों पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की गई है.

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  • ED ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में अनुराग द्विवेदी के नौ ठिकानों पर छापेमारी की
  • छापेमारी में डिफेंडर, बीएमडब्ल्यू जेड4 सहित भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए
  • पिछले महीने भी अनुराग के ठिकानों पर छापेमारी हुई जिसमें महंगी गाड़ियां और करोड़ों रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. ताजा कार्रवाई में चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी के ठिकानों पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की गई है. ED की कोलकाता जोनल ऑफिस द्वारा की गई यह कार्रवाई 31 दिसंबर 2025 और 1 जनवरी 2026 को देश के पांच प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, सूरत, लखनऊ और वाराणसी में स्थित 9 ठिकानों पर की गई.

छापेमारी में क्या-क्या हुआ जब्त?

जांच एजेंसी ने अनुराग द्विवेदी से जुड़ी लग्जरी संपत्तियों पर कड़ा प्रहार किया है. इस ताजा छापेमारी के दौरान- PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत लैंड रोवर डिफेंडर और BMW Z4 को जब्त किया गया. भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए हैं, जो अवैध लेनदेन की पुष्टि करते हैं.

पिछले महीने भी हुई थी बड़ी कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब अनुराग द्विवेदी ED के निशाने पर आए हैं. इससे पहले 17 दिसंबर 2025 को भी लखनऊ, उन्नाव और दिल्ली में छापेमारी की गई थी, जिसमें लेम्बोर्गिनी उरुस, मर्सिडीज, फोर्ड एंडेवर और थार जैसी महंगी गाड़ियां जब्त हुई थीं. 20 लाख रुपये नकद और कई डिजिटल सबूत मिले थे. करीब 3 करोड़ रुपये की चल संपत्ति (बीमा पॉलिसी, FD और बैंक बैलेंस) को फ्रीज किया गया था.

सट्टेबाजी का 'दुबई कनेक्शन' और मनी लॉन्ड्रिंग

ED की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. एजेंसी के अनुसार, अनुराग द्विवेदी अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स का न केवल प्रचार कर रहे थे, बल्कि इससे होने वाली काली कमाई को सफेद करने के लिए जटिल नेटवर्क का उपयोग कर रहे थे. जांच में सामने आया कि अवैध कमाई को हवाला के जरिए भारत से बाहर भेजा गया और दुबई में रियल एस्टेट में भारी निवेश किया गया.

सिलीगुड़ी से संचालित होने वाले एक सट्टेबाजी पैनल (जिसे सोनू कुमार ठाकुर और विशाल भारद्वाज चलाते थे) के लिए फर्जी (Mule) बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था. अनुराग द्विवेदी फिलहाल भारत में नहीं हैं. जानकारी के अनुसार, वे दुबई में रह रहे हैं और ED द्वारा जारी कई समनों के बावजूद अब तक पेश नहीं हुए हैं.

अब तक की कुल कार्रवाई

इस मामले की शुरुआत पश्चिम बंगाल पुलिस की एक FIR से हुई थी. अब तक इस केस में 3 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. 27 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति अब तक फ्रीज या अटैच की जा चुकी है. 1 अगस्त 2025 को कोलकाता की स्पेशल PMLA कोर्ट में पहली चार्जशीट दाखिल की गई थी. ED का मानना है कि अनुराग द्विवेदी ने अपनी सोशल मीडिया पहुंच का फायदा उठाकर आम जनता को इन अवैध प्लेटफॉर्म्स की ओर धकेला और उससे प्राप्त 'Proceeds of Crime' से अपनी संपत्ति खड़ी की. फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है.

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