- दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज के गेट नंबर चार को शादी समारोह के लिए आकर्षक ढंग से सजाया गया है.
- कॉलेज प्रशासन ने कैंपस ग्राउंड प्रिंसिपल के बेटे की शादी के लिए उपलब्ध कराया है, जिससे गेट बंद कर दिया गया.
- छात्रों ने गेट बंद करने का पूर्व सूचना न मिलने और आने-जाने में हो रही परेशानी को लेकर विरोध जताया है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज के गेट नंबर 4 को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया है. एक बार देखकर लगता ही नहीं है कि यह किसी कॉलेज का गेट है. लगता है कि यह किसी विवाह स्थल के मुख्य द्वार का नजारा है. हालांकि इसे लेकर के विवाद खड़ा हो गया है. छात्रों ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन ने कैंपस ग्राउंड को एक निजी शादी के लिए उपलब्ध कराया है. इसके विरोध में कॉलेज के गेट पर बड़ी संख्या में छात्र धरने पर बैठ गए और प्रदर्शन किया. उन्होंने आरोप लगाया कि गेट के बंद होने से बड़ी संख्या में छात्रों को परेशानी हो रही है.
हंसराज कॉलेज के गेट नंबर चार को बंद कर दिया गया है. साथ ही इसे शादी के लिए आकर्षक ढंग से सजाया गया है. हालांकि कॉलेज परिसर में हो रही इस शादी के कारण छात्रों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है, जिसे लेकर उन्होंने विरोध जताया है. जानकारी मिली है कि कॉलेज कैंपस ग्राउंड में प्रिंसिपल के बेटे की शादी होनी है, जिसके लिए इसे सजाया गया है.
कॉलेज प्रशासन के निर्णय से छात्रों में नाराजगी
इसी के चलते छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. कॉलेज के गेट पर छात्र धरने पर बैठ गए और उन्होंने कहा कि गेट को बंद करने का पूर्व में कोई नोटिस नहीं दिया गया. इसके कारण छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने सवाल किया कि छात्रों में से किसी की शादी होगी तो क्या यह कॉलेज कैंपस मिलेगा.
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कॉलेज परिसर छात्रों के लिए, निजी शादी के लिए नहीं : छात्र
विरोध कर रहे छात्रों ने कहा कि कॉलेज प्रशासन छात्रों की गतिविधियों पर अक्सर पाबंदियां लगाता है, लेकिन प्रभावशाली लोगों से जुड़े निजी कार्यक्रमों को बिना किसी रोक-टोक के अनुमति दे दी जाती है. छात्रों का कहना है कि कॉलेज परिसर छात्रों के लिए है, न कि किसी की निजी शादी या अन्य किसी भव्य आयोजन के लिए.
उन्होंने प्रशासन पर छात्रों के अधिकारों की अनदेखी करने और विशेषाधिकार प्राप्त व्यक्तियों को तरजीह देने का आरोप लगाया. छात्रों की मांग है कि कॉलेज परिसर के इस्तेमाल को लेकर पारदर्शिता हो और सभी के साथ समान व्यवहार किया जाए.














