Delhi Heatwave: दिल्ली समेत उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है. दिन निकलने के साथ ही सूरज के तीखे तेवरों का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच एक ऐसी स्टडी सामने आई है, जो दिल्ली वासियों के लिए चौंकाने वाली है. इसके मुताबिक साल 2026 ही नहीं, बल्कि आने वाले 20 सालों में गर्मी के दिनों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है. कई इलाकों में असामान्य रूप से सालाना 20 से 40 दिन तक अत्यधिक गर्म दिन और रातें झेलनी पड़ सकती हैं.
दिल्ली में गर्मी के दिन बढ़ने वाला यह आंकड़ा 'CRAVIS' (क्रेविस) यानी देश के पहले AI संचालित क्लाइमेट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ने दिया है. इसे काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरमेंट एंड वाटर (CEEW) ने तैयार किया है. इस प्लेटफॉर्म के मुताबिक, साल 1981-2010 की तुलना में आने वाले 20 सालों में 15 से 40 दिन अधिक गर्म देखे जा सकते हैं.
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने किया CRAVIS का उद्घाटन
29 अप्रैल 2026 को इस AI संचालित क्लाइमेट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म का उद्घाटन केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने किया. इस दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि मंगलवार की रात अप्रैल 2026 की सबसे गर्म रातों में से एक महसूस की गई है. गर्मी के दिनों में बढ़ोतरी और बेमौसम बारिश की लगातार घटनाओं ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भारत पर जलवायु परिवर्तन का गंभीर असर हो रहा है.
Delhi ki Garmi Update: 180 से 210 दिनों तक जाएगी तपिश
राजधानी दिल्ली में वर्तमान में औसतन सालाना 180 दिन गर्म रातें होती हैं, लेकिन आने वाले दिनों में इनकी संख्या बढ़कर 210 तक हो सकती है. 'गर्म रातों' का अर्थ है जब न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहे. कूलिंग की जरूरत के हिसाब से देखें तो इसका मतलब है कि अब एक महीना ज्यादा गर्मी पड़ेगी. 'CRAVIS' के मुताबिक, केवल गर्मी ही नहीं बल्कि सालाना बारिश के दिनों में भी 10 से 30 दिन का इजाफा हो सकता है. बता दें कि गर्म रातें मानव जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं, जिससे कार्यक्षमता में गिरावट आती है.
Delhi Weather Update: बिजली की मांग में होगा इजाफा
गर्मी के दिनों में बढ़ोतरी होने से बिजली की अधिकतम मांग (पीक लोड) और वार्षिक खपत में इजाफा होगा. डेटा के अनुसार, भारत के 281 डेटा सेंटर्स में से आधे से ज्यादा में साल के 90 से अधिक दिन तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा है. साल 2040 तक ऐसे केंद्रों की संख्या बढ़कर 90 फीसदी हो जाएगी. CEEW के सीईओ डॉ. अरुणाभ घोष ने कहा कि 'CRAVIS' के डेटा का उपयोग आगामी नीतियां बनाने में किया जाएगा ताकि दैनिक योजनाओं में इसका लाभ मिल सके. इससे कंपनियों को निवेश, जोखिम का आकलन और आर्थिक मार्गदर्शन प्राप्त करने में मदद मिलेगी.
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