दिल्ली के न्यू राजेंद्र नगर में दो सीनियर सिटीजन महिलाओं की डेड बॉडी मिलने से सनसनी फैल गई है. इन महिलाओं की उम्र 60 साल से ऊपर बताई जा रही हैं. ये दोनों संबंधी है, एक ननद है और एक उसकी भाभी. दोनों महिलाओं की मौत की वजह अभी तक सामने नहीं आई है. कोई सुसाइड नोट भी घर से नहीं मिला है. बताया जा रहा है कि दोनों घर में अकेले ही रहती थीं और पैरों में परेशानी होने के कारण ज्यादा चल फिर नहीं पाती थी. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
चलने-फिरने में थीं लाचारी
पुलिस ने बताया कि मौत की वजह बता पाना अभी मुश्किल है. यह दोनों महिलाएं विकलांग नहीं थी, लेकिन उम्र के कारण चलने फिरने में लाचारी थीं. इस वजह से यह अपने घर का मेन गेट खुला रखती थीं. मेड ने बताया कि घर के सारे दरवाजे बंद थे, अंदर से कोई आवाज भी नहीं आ रही थी और कई दिनों से दोनों महिलाएं दिखाई नहीं दी थीं. जैसे-जैसे बदबू बढ़ी, लोगों को शक हुआ और फिर पुलिस को फोन किया गया. सुबह करीब 10:30 बजे सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने जब घर के अंदर जाकर देखा तो एक कमरे में दो बुजुर्ग महिलाएं पड़ी हुई थीं. एक महिला बेड पर थी, जबकि दूसरी जमीन पर गिरी हुई मिली. कमरे के अंदर से काफी तेज बदबू आ रही थी. बाद में CAT एम्बुलेंस की टीम ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया.
शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं
दिल्ली पुलिस का कहना है कि दोनों महिलाएं बुजुर्ग थीं. मृतकों की पहचान करीब 80 साल की चंद्रकांता और 80 साल की सरोज बाला के तौर पर हुई है. पुलिस के मुताबिक, दोनों काफी समय से इस घर में साथ रह रही थीं. सरोज बाला शादीशुदा नहीं थीं, जबकि चंद्रकांता उनकी भाभी थीं. पड़ोसियों ने बताया कि दोनों बुजुर्ग महिलाएं ज्यादातर घर में ही रहती थीं और बहुत कम बाहर निकलती थीं.
घर का दरवाजा अंदर से था बंद
बताया जा रहा है कि 2 दिन से घर में मेड नहीं आई थी. मेड आज जब सुबह आई, तब उसे बदबू आई. इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी. पुलिस आई, तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था. दरवाजा तोड़कर पुलिस अंदा पहुंची, तो दोनों महिलाओं की लाश घर में पड़ी हुई थीं. पुलिस ने पूरे घर की बारीकी से जांच की, लेकिन शुरुआती जांच में किसी तरह की जबरन एंट्री, चोरी, लूटपाट या मारपीट के निशान नहीं मिले. घर के दरवाजे और खिड़कियां भी सही हालत में मिलीं. मकान एक मंजिला है और उसमें चार एंट्री प्वाइंट हैं, लेकिन कहीं भी तोड़फोड़ के निशान नहीं थे. इसी वजह से फिलहाल पुलिस को किसी बड़ी साजिश या हत्या का शक नहीं लग रहा, लेकिन फिर भी हर एंगल से जांच की जा रही है.
मामले की जानकारी मिलते ही क्राइम टीम और FSL की टीम भी मौके पर पहुंची. घर के अंदर से सबूत जुटाए गए और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों महिलाओं की मौत कब और कैसे हुई. शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि मौत कुछ दिन पहले हुई होगी, क्योंकि शवों से काफी बदबू आ रही थी. फिलहाल दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए आरएमएल अस्पताल भेज दिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी. पुलिस ने BNSS की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच जारी है.
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