- दिल्ली के मालवीय नगर के होटल में हुए अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई, 49 लोगों को रेस्क्यू किया गया था
- आग की लपटों के बीच फंसे कई लोगों ने होटल की खिड़कियों से कूद कर जान बचाई, नीचे उनके लिए गद्दे बिछाए गए थे
- गद्दे की दुकान चलाने वाले रियाजुद्दीन ने तुरंत दो लाख रुपये के गद्दे सड़क पर बिछाकर लोगों की जान बचाई
दिल्ली के मालवीय नगर के होटल फ्लोरिस स्टे में बुधवार को हुए अग्निकांड को जिसने की देखा उसकी रूह कांप गई. हर तरफ आग की लपटों के बीच जिंदगी के लिए जद्दोजहद करते वहां फंसे लोग इतने बेबस थे कि वह एक उम्मीद की छोटी सी किरण का इंतजार कर रहे थे. आग में 21 लोगों की मौत हो गई. लेकिन 49 लोगों की जान बचा ली गई. आग इतनी भयावह थी कि अंदर फंसे लोगों को बाहर जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदना पड़ा. आग और धुएं के गुबार के बीच जब होटल में मेहमान जिंदगी के लिए जद्दोजहद कर रहे थे तब रियाजुद्दीन उनके लिए फरिश्ता बनकर पहुंचे.
दरअसल रियाजुद्दीन होटल वाली गली के पास गद्दों की दुकान चलाते हैं. जब उन्होंने देखा कि लोग खिड़की से नीचे कूद रहे हैं तो उन्होंने बिना कुछ सोचे 2 लाख रुपये के गद्दे दुकान से निकालकर सड़क पर बिछा दिए, ताकि लोग कूदें तो उनको बहुत ज्यादा चोट न लगे. हालांकि अग बुझ चुकी है, घायल अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन रियाजुद्दीन के चेहरे पर एक अलग ही सुकून है.
12 लोगों को बचाने का सुकून
रियाजुद्दीन को इस बात का सुकून है कि गद्दे बिछाकर वह 8 से 12 लोगों की जान बचा पाए. एनडीटीवी से बातचीत में उन्होंने कहा, " दो लाख रुपए के गद्दे मैंने लोगों को बचाने के लिए बिछा दिए, मुझे सुकून है कि गद्दों की वजह से 8-12 लोगों की जान बच गई और उनको सिर्फ मामूली चोट आई है."
दुकान से 2 लाख के गद्दे निकालकर सड़क पर बिछाए
गद्दे की दुकान चलाने वाले रियाज ने बताया कि वह खुद सिविल डिफेंस में रह चुके हैं. उनको पता कि जब आग लगती है तो उससे कैसे बचा जा सकता है. इसी के चलते आग लगने पर उन्होंने तुरंत खिड़की को तोड़ा और सड़क पर गद्दे बिछा दिए, ताकि लोग ऊपर से कूदें तो उनको ज्यादा चोट न लगे. उन्होंने कहा कि आज उनकी दुकान खाली हो गई है लेकिन उनको सुकून है कि इंसान बच गए.
मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत
बता दें कि मालवीय नगर के फ्लोरिस स्टे होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई, वहीं कुल 49 लोगों को रेस्क्यू करके अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया था. मृतकों में 9 भारतीय और 12 विदेशी नागरिक हैं. 8 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि अन्य घायलों का इलाज चल रहा है. मृत भारतीय नागरिकों में श्रुतिका बर्नवाल, तर्जनी अग्रवाल, वार्या अग्रवाल उर्फ पर्ल, झावेरी अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, कमला अग्रवाल, प्रेम लता अग्रवाल और जीविषा अग्रवाल शामिल हैं. बता दें कि मरने वालों में ज्यादातर बांग्लादेशी और अगफानी नागरिक शामिल हैं.
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