दिल्ली गैंगरेप और धर्मांतरण मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग सख्त, स्वत: संज्ञान लेकर मांगी रिपोर्ट

दिल्ली के जामिया नगर में कथित गैंगरेप और जबरन धर्मांतरण के मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है. आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से 7 दिनों में एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Delhi Gangrape Case NCW: दिल्ली के जामिया नगर से सामने आए गैंगरेप और जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोपों वाले मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है. इस घटना को बेहद संवेदनशील मानते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने स्वत: संज्ञान लिया है और दिल्ली पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग की है. आयोग ने साफ कहा है कि ऐसे मामलों में ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट

एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर इस मामले में सख्त और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है. आयोग ने पुलिस से सात दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है, जिसमें अब तक हुई कार्रवाई की पूरी जानकारी शामिल होगी.

पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप

पीड़िता का आरोप है कि उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और इस दौरान कई लोगों ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया. साथ ही उस पर धर्म बदलने का दबाव भी डाला गया. इन आरोपों के सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है.

हर पहलू की जानकारी मांगी गई

महिला आयोग ने अपनी जांच के लिए कई अहम बिंदुओं पर जानकारी मांगी है. इसमें एफआईआर की स्थिति, बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट के तहत लगाए गए प्रावधान, आरोपियों की गिरफ्तारी, मेडिकल और फोरेंसिक जांच, मजिस्ट्रेट के सामने बयान और पीड़िता की सुरक्षा से जुड़े इंतजाम शामिल हैं.

Advertisement

संवेदनशीलता के साथ जांच के निर्देश

आयोग ने कहा है कि सामूहिक दुष्कर्म, जातीय हिंसा और जबरन धार्मिक दबाव जैसे आरोप बेहद गंभीर होते हैं. ऐसे मामलों की जांच पूरी निष्पक्षता, संवेदनशीलता और तेजी के साथ की जानी चाहिए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके. एनसीडब्ल्यू ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा, डराने-धमकाने या दबाव डालने की घटनाएं किसी भी समाज में स्वीकार्य नहीं हैं. दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

पुणे मामले में भी लिया संज्ञान

इसी के साथ महिला आयोग ने महाराष्ट्र के पुणे में सामने आए एक और गंभीर मामले पर भी स्वत: संज्ञान लिया है. यहां एक महिला के साथ कथित रूप से एसिड हमला और घरेलू हिंसा की घटना सामने आई है, जिसने आयोग को झकझोर दिया है. 

Advertisement

आरोप है कि पति ने विवाहेतर संबंध के शक में पत्नी पर फर्श साफ करने वाला एसिड डाल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई. इतना ही नहीं, महिला को कई दिनों तक घर में बंद रखा गया और उसका इलाज भी नहीं कराया गया.

महाराष्ट्र पुलिस को भी निर्देश

एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष ने इस मामले को लेकर महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक को भी पत्र लिखा है और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. आयोग ने पीड़िता के इलाज, सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है.

Featured Video Of The Day
Bakrid 2026 क्या गाय की कुर्बानी से ही बकरीद मनाई जाएगी? | Suvendu Adhikari | Yogi Adityanath