- दिल्ली के बवाना में व्यवसाई वैभव गांधी की हत्या मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं
- पुलिस के रोकने पर संदिग्धों ने गोलीबारी की, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया
- हत्या के वक्त व्यवसायी को मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने करीब 50 मीटर तक पीछा कर कई गोलियां मारीं
उत्तरी दिल्ली के बाहरी इलाके में स्थित बवाना औद्योगिक क्षेत्र में हाल ही में 35 वर्षीय व्यवसायी की हत्या के सिलसिले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. दिल्ली पुलिस के उत्तरी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह ने बताया कि विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने कुछ संदिग्धों को रोका. चुनौती दिए जाने पर आरोपियों ने कथित तौर पर भागने के प्रयास में पुलिस दल पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की.
गोलीबारी के दौरान, एक आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे काबू में कर लिया गया. पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दो अन्य को बाद में गिरफ्तार किया गया, जिससे इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या पांच हो गई है. पुलिस ने यह भी बताया कि इस अभियान के दौरान उनके किसी भी जवान को गंभीर चोट नहीं आई.
अपराधियों का मकसद लूट था, अफरा-तफरी में चली गोली- ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर विजय सिंह ने बताया, "इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. बावना के स्थानीय कारोबारी वैभव गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. गिरोह का मुख्य मकसद लूट था. घटना के समय गांधी अपनी कार चला रहे थे और अफरा-तफरी के दौरान उन्हें गोली मार दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई. उनका इरादा कार चुराने का था, लेकिन यह योजना नाकाम रही. घटना के बाद उनके 3 बैग गुम हो गए थे, जिनमें से 2 बरामद कर लिए गए हैं. बरामद बैगों में मिली वस्तुएं आम हैं. फिलहाल, अब तक मिली जानकारी के आधार पर 7 आरोपियों में से 5 को गिरफ्तार किया जा चुका है."
प्लास्टिक दाना निर्माता वैभव गांधी की नौ फरवरी को दोपहर करीब 12.50 बजे डीएसआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर चार में स्थित उनके कारखाने के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
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हत्या के एक दिन बाद, लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के नाम से कथित तौर पर जारी एक सोशल मीडिया पोस्ट में हत्या की जिम्मेदारी ली गई. 'रणदीप मलिक अनिल पंडित' नाम के एक अकाउंट से की गयी इस पोस्ट में दावा किया गया कि हत्या लॉरेंस बिश्नोई, जितेंद्र गोगी मान, हाशिम बाबा और काला राणा सहित कई गिरोहों की ओर से की गई थी.
पुलिस ने बताया कि पोस्ट में आरोप लगाया गया था कि गांधी गिरोह की गतिविधियों में हस्तक्षेप कर रहे थे और उनके संचालन में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति को इसी तरह के परिणामों की चेतावनी दी गई थी.
जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि मोटरसाइकिल पर आए हमलावरों ने गांधी का करीब 40-50 मीटर तक पीछा किया और कई गोलियां चलाईं. एक गोली उनकी ठोड़ी पर लगी, जिससे वे गिर पड़े. उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
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