दिल्ली एसिड अटैक केस: लड़की ने जिसे फंसाया उसने सुनाई अपनी आपबीती

जितेंद्र ने कहा कि मैं उस दिन करोल बाग में काम कर रहा था और शाम करीब 7.30 बजे मुझे पुलिस का फोन आया और मुझे मामले की जानकारी दी गई. किसने क्या किया मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है.

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दिल्ली में हुए एसिड हमले में आया नया मोड
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  • DU की छात्रा पर हुए एसिड अटैक मामले में आरोपी जितेंद्र ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है
  • जितेंद्र का कहना है कि उसे पीड़िता के परिवार ने गलत तरीके से फंसाने की साजिश के तहत फंसाया गया था
  • पुलिस जांच में पता चला कि पीड़िता के पिता ने जितेंद्र और उसके परिवार को फंसाने के लिए साजिश रची थी
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नई दिल्ली:

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU)  की 20 वर्षीय छात्रा पर एसिड अटैक मामले में अब एक नया मोड आता दिख रहा है. दरअसल, इस मामले में पीड़िता ने जिस आरोपी जितेंद्र पर एसिड अटैक करने का आरोप लगाया है, उसने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर बड़ा दावा किया है. अपने इस दावे में आरोपी शख्स ने कहा है कि वह इस मामले में निर्दोष है. आरोपी ने कहा है कि उसे गलत तरीके से फंसाया गया था. आरोपी के इस बयान के बाद अब घटना पीड़िता के परिवार द्वारा उस शख्स को फंसाने की साजिश के तौर पर नजर आने लगी है. पुलिस आरोपी के दावों की फिलहाल जांच कर रही है.  

आपको बता दें कि इस मामले में पहले आरोपी बनाए गए जितेंद्र ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा कि मुझे इस मामले में गलत तरह से फंसाया गया था. पूरी घटना को मुझे फंसाने की साजिश के तहत अंजाम दिया गया था. वह रविवार को उत्तर-पश्चिम दिल्ली के अशोक विहार इलाके में हुए कथित तेजाब हमले के मामले में आरोपी था. बाद में दिल्ली पुलिस ने कहा कि जितेंद्र कथित हमले में शामिल नहीं था. जितेंद्र ने दावा किया कि घटना के समय वह घटनास्थल पर मौजूद भी नहीं था.

जितेंद्र ने कहा कि मैं उस दिन करोल बाग में काम कर रहा था और शाम करीब 7.30 बजे मुझे पुलिस का फोन आया और मुझे मामले की जानकारी दी गई. उधर, बीते मंगलवार को, दिल्ली पुलिस ने कहा कि उनकी जांच से पता चला है कि छात्रा के पिता अकील खान ने उसके चाचा और भाई के साथ मिलकर जितेंद्र और उसके परिवार को गलत तरह से फंसाने के लिए हमले की साजिश रची थी, जिन्होंने पहले खान के खिलाफ बलात्कार और तेजाब हमले की शिकायत दर्ज कराई थी.

उसने आरोप लगाया कि समझौते के बावजूद उत्पीड़न बंद नहीं हुआ. उसने दावा किया कि मेरी पत्नी ने बाद में मुझे बताया कि उन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी भी दी थी. दिल्ली पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि जितेंद्र कथित हमले में शामिल नहीं था. पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पश्चिम) भीष्म सिंह ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन की जानकारी से पुष्टि हुई है कि घटना के समय जितेंद्र करोल बाग में अपने कार्यस्थल पर था.

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जितेंद्र ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने पूरी जांच की है. उन्होंने हर चीज की पुष्टि की और मेरे कार्यस्थल के गवाहों के बयान दर्ज किए. इसके बाद, उन्होंने मुझे क्लीन चिट दे दी. मुझे दिल्ली पुलिस पर पूरा भरोसा है और मुझे विश्वास है कि न्याय होगा. पुलिस इन तमाम आरोपों को लेकर भी जांच भर रही है. 

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