दिल्ली जल बोर्ड में बड़ा फेरबदल, इतने बड़े पैमाने पर तबादले क्यों?

केंद्र सरकार ने अगले तीन साल में यमुना नदी को साफ करने का लक्ष्य रखा है. यही वजह है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

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नई दिल्‍ली :

दिल्ली जल बोर्ड में शनिवार देर शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक साथ 41 इंजीनियर्स का तबादला कर दिया गया. तबादला होने वालों में 40 एग्जीक्यूटिव स्तर के इंजीनियर हैं. बताया जा रहा है कि यमुना की सफाई और दिल्ली में पानी की समस्या को देखते हुए इतने बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं. जल बोर्ड से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, गर्मी के मौसम में पानी की किल्‍लत की कई शिकायतें सामने आने पर ये तबादला किया गया है. इससे पहले जल बोर्ड के CEO के तौर पर उत्तर प्रदेश के तेज़तर्रार IAS अधिकारी कौशल राज शर्मा को विशेष मांग पर दिल्ली लाया गया.

सूत्रों ने बताया कि पिछली सप्ताह उन्‍होंने जल बोर्ड में एक बैठक करके इंजीनियर्स के कामकाज को लेकर कई बातें कहीं. सभी को जिम्‍मेदारी से काम करने की नसीहत दी गई. साथ ही कहा गया कि लापरवाही होने पर सख्त कदम उठाया जाएगा.

केंद्र और यूपी सरकार के चहेते हैं IAS कौशल राज शर्मा 

कौशल राज शर्मा 2006 बैच के IAS अधिकारी हैं. 2019 में वाराणसी के डीएम के तौर पर कोरोना काल में इनके कामों की तारीफ हुई. फिर 2022 में वहीं के कमिश्नर भी बनाए गए. शर्मा की देखरेख में विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण, सड़कों का चौड़ीकरण हुआ. पहले इनका तबादला मुख्यमंत्री योगी के सचिव के तौर पर हुआ, लेकिन उसके तुरंत बाद इनको प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली बुला लिया गया. सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी के पसंदीदा अधिकारी रहने के चलते उनको अब यमुना की सफाई के मद्देनज़र दिल्ली जल बोर्ड का CEO बनाया गया है. 

यमुना की सफाई बीजेपी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट 

केंद्र सरकार ने अगले तीन साल में यमुना नदी को साफ करने का लक्ष्य रखा है. यही वजह है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं. बीते दिनों गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में यमुना की सफाई को लेकर हाई लेवल की बैठक भी हुई. पीएम मोदी का लक्ष्‍य है कि अगले दो सालों में यमुना के पानी को नहाने लायक बनाया जाए.  
 

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