- दिल्ली सरकार ने तीन मेट्रो कॉरिडोर एक्सटेंशन को मंजूरी दी है, जिनकी कुल लंबाई लगभग सत्रह किलोमीटर है
- एक्सटेंशन में कुल तेरह नए मेट्रो स्टेशन होंगे, जिनमें से दस अंडरग्राउंड और तीन एलिवेटेड होंगे
- रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक का कॉरिडोर सेंट्रल विस्टा क्षेत्र से गुजरेगा और नौ स्टेशन होंगे
होली से ठीक पहले दिल्ली सरकार ने दिल्लीवासियों को बड़ा तोहफा दे दिया है. दरअसल, सरकार ने 3 मेट्रो कॉरिडोर एक्सटेंशन को मंजूरी दे दी है. पहले मेट्रो एक्सटेंशन के तहत रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक करीब 9 किलोमीटर लाइन,वहीं दूसरे के तहत एयरो सिटी से लेकर इंदिरा गांधी टर्मिनल डोमेस्टिक एयरपोर्ट की करीब ढाई किलोमीटर का एक्सटेंशन और तीसरे के तहत तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक करीब चार किलोमीटर का एक्सटेंशन को मंजूरी मिली है. बताया जा रहा है कि वर्ष 028 तक इन तीनों एक्सटेंशन का काम पूरा करने की योजना है. जिसपर कुल खर्च 12000 करोड़ रुपये होंगे. इसमें से दिल्ली सरकार 2940 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी.
मेट्रो के इन एक्सटेंशन को सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली के भविष्य के लिए निवेश बताया है. रेखा गुप्ता ने कहा कि इन नए कॉरिडोर के बनने से न केवल यातायात पर दबाव कम होगा. साथ ही प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में भी मदद मिलेगी. स्वीकृत किए गए तीन कॉरिडोर में आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ (सेंट्रल विस्टा के रास्ते), तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज और एरोसिटी से इंदिरा गांधी डोमेस्टिक टर्मिनल-1 (आईजीडी टी-1) शामिल हैं.
3 नए कॉरीडोर पर 13 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे
तीन कॉरिडोर पर कुल 13 स्टेशनों में 10 स्टेशन अंडरग्राउंड और 3 स्टेशन एलिवेटेड होंगे. यह विस्तार मौजूदा मेट्रो नेटवर्क के साथ निर्बाध इंटरचेंज की सुविधा प्रदान करेगा और हवाई अड्डे, वाणिज्यिक केंद्रों व आवासीय क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगा. आर.के.आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर के इस लाइन पर 9 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं. यह कॉरिडोर सेंट्रल विस्टा क्षेत्र से होकर गुजरेगा और दिल्ली के प्रशासनिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक क्षेत्रों को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा. सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर सभी कर्तव्य भवनों को आपस में जोड़ने का भी काम करेगा. इससे इस इलाके में काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों और आने वाले लोगों को सीधे अपने कार्यालय तक पहुंचना आसान हो जाएगा.
इस सुविधा से प्रतिदिन लगभग 60 हजार कर्मचारी और करीब 2 लाख यात्रियों को लाभ मिलेगा. इस कॉरिडोर पर कुल 9,570.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसमें से 2,337.24 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार खर्च करेगी. जबकि एयरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 कॉरिडोर एयरोसिटी से इंदिरा गांधी घरेलू हवाई अड्डा टर्मिनल-1 (आईजीडी टी-1) तक प्रस्तावित है. इस कॉरिडोर की लंबाई 2.26 किलोमीटर है और इस पर एक स्टेशन प्रस्तावित है. इस परियोजना की लागत 1,419.64 करोड़ रुपये होगी, जिसमें 351.86 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार देगी.
तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज कॉरिडोर
फेज-V(ए) का तीसरा कॉरिडोर तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक प्रस्तावित है. इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 3.9 किलोमीटर है और इस पर 3 स्टेशन प्रस्तावित हैं. यह कॉरिडोर दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के क्षेत्रों को बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और स्थानीय यात्रियों के लिए आवागमन को अधिक सहज बनाएगा. इस कॉरिडोर की लागत 1,024.87 करोड़ रुपये होगी, जिसमें 251.36 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार वहन करेगी.
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