दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को एयर पॉल्यूशन पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार साल के 12 महीने, हफ्ते के सातों दिन राजधानी‑एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम कर रही है. उन्होंने साफ कहा कि यह लड़ाई लंबी है और इसलिए सरकार का फोकस लंबी और छोटी, दोनों अवधि की रणनीतियों पर है.
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार से लगातार मार्गदर्शन और सहयोग मिल रहा है, और दिल्ली‑केंद्र समन्वय के चलते एक समग्र, समयबद्ध और परिणाम‑आधारित रोडमैप लागू किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य आने वाले चार वर्षों में PM 2.5 स्तरों में उल्लेखनीय कमी लाना है.
बैठक में मौजूद रहे कई विभागों के अधिकारी
दिल्ली सचिवालय में हुई बैठक में कैबिनेट मंत्री- प्रवेश साहिब सिंह, मनजिंदर सिंह सिरसा और डॉ. पंकज कुमार सिंह, मुख्य सचिव राजीव वर्मा और DDA, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, MCD, PWD, पर्यावरण, उद्योग, परिवहन समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को मंज़ूर ब्लूप्रिंट के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
योजना का विस्तृत खाका
1. परिवहन-14,000 बसों का लक्ष्य
- 2029 तक दिल्ली के सार्वजनिक बेड़े को 14,000 बसों तक पहुंचाना लक्ष्य.
- 026 तक 6,000, 2027 तक 7,500 और 2028 तक 10,400 बसें उपलब्ध होंगी.
- 500 छोटी बसें अंतिम माइल कनेक्टिविटी के लिए.
- 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर ई‑ऑटो, बाइक टैक्सी और फीडर कैब का पायलट अगले वर्ष के अंत तक.
- अभी 100 इलेक्ट्रिक मेट्रो फीडर बसें तैनात.
2. EV Policy 2.0: टू‑व्हीलर और कमर्शियल वाहनों पर फोकस
- दिल्ली के 58 लाख दोपहिया वाहनों को लक्ष्य बनाते हुए सब्सिडी और स्क्रैपेज इंसेंटिव.
- चार्जिंग/बैटरी‑स्वैपिंग पॉइंट 9,000 से बढ़ाकर 36,000 किए जाएंगे.
- कमर्शियल ट्रकों‑थ्रीव्हीलरों के लिए ब्याज अनुदान और PM E‑Drive योजना के तहत लाभ.
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3. 62 ट्रैफिक जाम पॉइंट्स पर एक्शन
- 62 में से 30 जगहों पर सुधार कार्य शुरू.
- ट्रैफिक पुलिस की मदद के लिए DTC से 1,200 अतिरिक्त कर्मचारी तैनात.
4. दिल्ली मेट्रो व RRTS का विस्तार
- वर्तमान 395 किमी नेटवर्क 6.5–7 लाख यात्रियों को रोज सेवा दे रहा है.
- फेज‑IV के 110 किमी और फेज V-A/V-B के 96 किमी पर काम जारी है.
- फेज IV पूरा होने पर मेट्रो की सवारी दोगुनी होने की संभावना है.
- NCRTC नेटवर्क अगले चार वर्षों में 323 किमी तक बढ़ाया जाएगा.
5. 3,300 किमी सड़क पुनर्विकास
- PWD, MCD और अनधिकृत कॉलोनियों की सड़कों के लिए ₹6,000 करोड़.
- केंद्रीय वर्ज़ और अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट का निर्माण.
- दो महीनों में टेंडर, एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य.
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6. रोड डस्ट मैनेजमेंट- मैकेनाइज्ड सफाई
- अभी 76 मशीनें तैनात; 31 जनवरी 2026 तक 14 और मशीनें जुड़ेंगी.
- संकरी सड़कों के लिए 70 अतिरिक्त MRSMs की मंज़ूरी.
PWD के दो बड़े प्रोजेक्ट:
- 70 sweeping मशीनें + अन्य उपकरण (₹2,000 करोड़, OPEX मॉडल).
- 250 sprinkler‑cum‑anti dust मशीनें (₹2,000 करोड़, OPEX मॉडल).
7. लैंडफिल साइट्स की समयबद्ध सफाई
- ओखला: जुलाई 2026
- भलस्वा: अक्टूबर 2026
- गाज़ीपुर: दिसंबर 2027
- MCD को इस वर्ष ₹500 करोड़ और आगे हर साल ₹300 करोड़.
8. औद्योगिक प्रदूषण पर सख्ती
- 1,000 से अधिक प्रदूषणकारी इकाइयों पर सीलिंग.
- बड़े उद्योगों को OCEMS (रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम) लगाना अनिवार्य.
9. 35 लाख नए पौधे- रिज क्षेत्र का पुनर्जीवन
- अगले चार वर्षों में 3.5 मिलियन नए पौधे लगाए जाएंगे.
- 365 एकड़ ‘ब्राउन पार्क' विकसित किए जाएंगे.
10. कंस्ट्रक्शन वेस्ट और बायोमास नियंत्रण
- तेखंड में निर्माण कचरा प्रोसेसिंग प्लांट शुरू.
- सर्दियों में कचरा/बायोमास जलाने से रोकने के लिए 15,500 इलेक्ट्रिक हीटर वितरण.
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11. स्मार्ट पार्किंग- निजी वाहनों पर लगाम
- जीरो‑पार्किंग जोन का कड़ा पालन.
- स्मार्ट प्राइसिंग और मल्टी‑लेवल पार्किंग को बढ़ावा.
- लक्ष्य: भीड़भाड़ वाले इलाकों में निजी वाहनों के उपयोग को सीमित करना और सार्वजनिक परिवहन की ओर शिफ्ट कराना.
12. ANPR कैमरे-प्रदूषणकारी वाहनों पर सीधी नज़र
दिल्ली सीमा के प्रवेश बिंदुओं पर ANPR सिस्टम लग रहे हैं. प्रदूषणकारी वाहनों पर तुरंत कार्रवाई की तैयारी है.
नागरिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक, कानून और बुनियादी ढांचे के साथ‑साथ जनभागीदारी और व्यवहारगत बदलाव ही इस लड़ाई को सफल बनाएंगे.














