दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC), आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सहयोग से दिल्ली के सेंट्रल विस्टा इलाके में एक बड़ी पहल करने जा रहा है. दरअसल, कल, यानी 15 मई 2026 से इस इलाके में देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली शटल बस सेवा की शुरुआत होने जा रही है.
इस पहल का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों से लेकर सेंट्रल विस्टा के विभिन्न सरकारी कार्यालयों तक निर्बाध पहुंच प्रदान करना है. इससे न केवल सरकारी अधिकारियों, बल्कि आम जनता को भी काफी सुविधा मिलेगी. इस सेवा के शुरू होने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा.
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी ये बसें
इस परियोजना के तहत, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) द्वारा DMRC को दो अत्याधुनिक हाइड्रोजन बसें उपलब्ध कराई गई हैं. इन बसों में 35 यात्रियों के बैठने की सुविधा है. वहीं, वास्तविक समय की निगरानी के लिए ये बसें GPS आधारित ट्रैकिंग और CCTV कैमरों से भी लैस की गई हैं. इसके अलावा, आधुनिक तकनीक की मदद से बसों के समय और रास्तों के पालन पर पैनी नजर रखी जाएगी.
संचालन का समय और मार्ग
शटल सेवा सभी कार्य दिवसों यानी सोमवार से शुक्रवार तक कार्यालय के व्यस्त घंटों के दौरान संचालित की जाएगी. यह बस सुबह: 8:30 AM से 12:30 PM तक और शाम को शाम: 3:30 PM से 6:30 PM तक चलेंगी. हर 30 मिनट के अंतराल पर ये बसें चलेंगी. इनमें से एक बस क्लॉकवाइज (Clockwise) और दूसरी एंटीक्लाकवाइज (Anticlockwise) दिशा में चलेगी. इस मार्ग में कर्तव्य भवन, विज्ञान भवन, निर्माण भवन, अकबर रोड, बड़ौदा हाउस, नेशनल स्टेडियम, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स, इंडिया गेट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन जैसे प्रमुख स्थान शामिल होंगे.
किफायती होगा किराया
यात्रियों की सुविधा के लिए किराए को बेहद किफायती रखा गया है. यात्रा की दूरी के अनुसार टिकट की दरें ₹10 और ₹15 तय की गई है. भुगतान के लिए यात्री नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC), UPI (डिजिटल भुगतान) के अलावा नकद (Cash) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
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इस सेवा के सफल संचालन के लिए DMRC बसों के संचालन, कंडक्टरों की व्यवस्था, टिकट वितरण और यात्री सहायता की जिम्मेदारी संभालेगी. वहीं, IOCL द्वारा चालकों (ड्राइवर्स) और हाइड्रोजन ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.
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