दिल्ली के जनकपुरी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे की खबर ने सभी को भावुक कर दिया है. एक टक्कर, ई-रिक्शा पलटा और 6 साल की मासूम काल के गाल में समा गई. बच्ची की मौत के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया है, लेकिन हादसे को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. पीड़ित बच्ची की नानी और मां ने NDTV से बात करते हुए कार चालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं और तेज रफ्तार ड्राइविंग पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
नानी का आरोप- मदद मांगने पर भी चला गया कार चालक
हादसे में घायल बच्ची की नानी मर्सी जेवियर ने NDTV को बताया कि घटना सुबह 8 बजे से पहले हुई, जब वह अपनी नातिन को सेंट फ्रांसिस स्कूल लेकर जा रही थीं. उनके मुताबिक, टक्कर के बाद कार मौके पर खड़ी थी, लेकिन जब उन्होंने चालक से अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई तो वह वहां से चला गया.
उन्होंने कहा कि उन्हें हाथ में चोट लगी थी, जबकि बच्ची की हालत ज्यादा गंभीर थी. परिवार का आरोप है कि अगर समय पर मदद मिलती तो शायद बच्ची को जल्दी इलाज मिल सकता था.
मां की मांग- रैश ड्राइविंग पर लगे रोक
बच्ची की मां ने इस घटना के बाद भावुक अपील करते हुए कहा कि तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर सख्त रोक लगनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'वो तो नन्ही सी जान थी… ऐसे हादसे बार-बार क्यों हो रहे हैं?' परिवार ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई और सख्त नियम लागू करने की मांग की है.
हादसा कैसे हुआ था?
पुलिस के अनुसार, 17 फरवरी की सुबह जनकपुरी फायर स्टेशन के पास एक कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी थी, जिससे रिक्शा पलट गया. हादसे में 6 साल की बच्ची और उसकी 57 वर्षीय नानी गंभीर रूप से घायल हो गईं. दोनों को पहले माता चानन देवी अस्पताल ले जाया गया और बाद में मैक्स अस्पताल, द्वारका रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया. पोस्टमार्टम दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में कराया गया.
पुलिस की कार्रवाई और जांच
मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और हादसे में शामिल कार को जब्त कर लिया गया है. आरोपी चालक संजीव (निवासी माजरा डाबस) को 18 फरवरी को गिरफ्तार किया गया. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि हादसा तेज रफ्तार की वजह से हुआ या किसी और लापरवाही के कारण.
फिलहाल यह मामला सिर्फ एक सड़क हादसे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सड़क सुरक्षा और रैश ड्राइविंग पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है. परिवार को उम्मीद है कि जांच में सच्चाई सामने आएगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे.














