दिल्ली की 94 अवैध कॉलोनियां, ZONE- O और यमुना का 22KM का दायरा, बुलडोजर के डर से उड़ी 15 लाख लोगों की नींद

दिल्ली की मिलन विहार, दीपांशु कॉलोनी और संगम विहार समेत 94 कॉलोनियां O-ZONE की जद में हैं. यहां इससे संबंधित बोर्ड भी लगा दिए गए हैं. ऐसे में लोगों को डर है कि यहां भी बुलडोजर एक्शन हो सकता है.

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यमुना नदी के किनारे बनी अवैध कॉलोनियां में लगे ZONE- O के बोर्ड.

उत्तरी दिल्ली: बुराडी से जगतपुर गांव की ओर जाने वाले पुश्ते से नीचे उतरते ही करीब 2500 गज पर बने बड़े बड़े पिलर और गेट जमीदोंज हो चुके हैं. जहां कभी दर्जन भर लोग रहा करते थे, अब वहां मशीनों से बचे सरिए निकाले जा रहे हैं. झडौदा वार्ड से आम आदमी पार्टी के पार्षद गगन चौधरी का दावा है कि जिस संपत्ति पर कार्रवाई हुई़ वह उनकी है. शुक्रवार को पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, इसके बाद यह कार्रवाई की गई. उधर, यमुना नदी के 20-22 किमी के दायरे को O-ZONE घोषित कर दिया गया है. इस जद में दिल्ली की 94 अवैध कॉलोनियां हैं, जिनमें O-ZONE घोषित होने के बोर्ड लगाए गए हैं. इससे 15 लाख लोगों की नींद उड़ गई है. उन्हें आशंका है कि यहां भी बलुडोजर कार्रवाई की जा सकती है. आइए, जानते हैं O-ZONE क्या है और अवैध कॉलोनियों में इस तरह के बोर्ड क्यों लगाए गए हैं. 

आम आदमी पार्टी के पार्षद गगन चौधरी का दावा मेरी संपत्ति पर की गई कार्रवाई.

सबसे पहले पढ़िए, बुलडोजर कार्रवाई पर आप विधायक गगन क्या बोले?  

आम आदमी पार्टी के पार्षद गगन चौधरी ने कहा कि शुक्रवार 12 जून को पुलिस आई और मुझे घर से उठाकर थाने ले गई, तभी मैं समझ गया कि कुछ बड़ा होने वाला है. शाम को लौटा तो देखा मेरा 50 लाख रुपए से बनाया गया शेड बर्बाद कर दिया गया. गगन चौधरी ने कहा कि वे उनके वार्ड में शामिल मिलन विहार में मकान न गिराए जाने के खिलाफ लोगों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ रहे थे. अब उनकी खुद की संपत्ति ज़मींदोज़ हो गई. गगन चौधरी के पिता कुलदीप का दावा है कि ये संपत्ति 40 साल पुरानी है, लेकिन मनमर्जी से कार्रवाई की जा रही है. 

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अब जानिए O-ZONE क्या बला, जिससे उड़ी लोगों की नींद ?

दिल्ली के जगतपुर से सटे मिलन विहार, दीपांशु कॉलोनी, जगतपुर एक्सटेंशन, जगतपुर गांव, झडौदा पार्ट-3, संगम विहार, वजीराबाद और रामघाट समेत 94 कॉलोनियों O-ZONE की जद हैं. यहां करीब 15 लाख से अधिक लोग रहते हैं, कॉलानियों में O-ZONE से जुड़े बोर्ड लगाए जा चुके हैं. यह सब दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर हुआ है. 

दिल्ली की कई कॉलोनियों में लगे Zone O वाले बोर्ड.

दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश क्या?

दरअसल, दिल्ली हाईकार्ट ने यमुना नदी के 20-22 किमी के दायरे को O-ZONE घोषित किया है. कोई ने कि इस दायरे में कोई भी निर्माण न होने दिए जाए.  यमुना बाढक्षेत्र में आने वाले इलाके में निर्माण किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है. इस आदेश के बाद ही कॉलोनियों में O-ZONE के बोर्ड लगाए गए हैं, जिसमें साफ लिखा है कि आपका इलाका O-ZONE में आता है, किसी तरह के नए निर्माण की इजाजत नहीं है. 

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लोगों का मकान टूटने का डर, क्या बोलीं दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता?   

O-ZONE के बोर्ड लगाए जाने के बाद लोग दहशत में आए गए, उन्हें लगा कि अब उनका मकान भी खतरे में है. उस पर बुलडोजर एक्शन भी हो सकता है. इस कारण कई कॉलोनियों में लोगों ने बार्ड उखाड़ दिए. हालांकि, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया है कि O-ZONE इलाके में बने पुराने मकानों को नहीं गिराया जाएगा, अब यहां कोई नया निर्माण नहीं होगा. 

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