- मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने शिपिंग कारोबार में ₹18.33 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज
- आरोपियों ने निवेशकों को उच्च रिटर्न का झांसा देकर पहले कुछ भुगतान करके भरोसा हासिल किया था
- जहाजों Leela Mombasa और Xinxinhai-2 के नाम पर नकली डॉक्यूमेंट्स बनाकर बड़े पैमाने पर बुकिंग की गई थी
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कारोबार में भरोसे का फायदा उठाकर करोड़ों की ठगी किए जाने का एक बड़ा मामला सामने आया है. मुंबई पुलिस की आर्थिक गुन्हे शाखा (EOW) ने एक कथित शिपिंग रैकेट के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामला करीब ₹18.33 करोड़ के धोखाधड़ी का है, जिसकी शिकायत घाटकोपर निवासी और शिपिंग कारोबारी विशाल पंकज मेहता, डायरेक्टर Rushabh Sealink & Logistics Pvt Ltd ने की है.
कैसे शुरू हुआ पूरा खेल? “हाई रिटर्न” का झांसा
FIR के अनुसार, अप्रैल 2025 में ALX Shipping Agencies India Pvt. Ltd. के CEO संदीप बख्शी, और दुबई स्थित Aladdin Express DMCC के अली खान व विकास खान ने मेहता को एक “हाई रिटर्न शिपिंग मॉडल” ऑफर किया. जिसमें ऑफर के तहत 10 करोड़ निवेश पर 30 दिनों में 50 लाख का पक्का रिटर्न था. पहला सौदा समय पर निपटा, जिससे भरोसा बढ़ा और मेहता ने आगे भी पार्टिसिपेशन किया. लेकिन दूसरे फेज में सिर्फ आंशिक पेमेंट मिला, बाकी रकम देने से जुड़े बहाने और “ऑपरेशनल दिक्कतों” की कहानियां सुनाई जाने लगीं.
झूठे वेसल डॉक्यूमेंट्स और शिपमेंट में भयानक गड़बड़ी
एफआईआर के मुताबिक आररोपियों ने दो जहाजों के नाम पर डॉक्यूमेंट्स दिए, Leela MombasaXinxinhai-2. इन जहाजों पर उन्होंने बड़े पैमाने पर बुकिंग भी कर ली. Leela Mombasa के लिए 775 कंटेनर,Xinxinhai-2 के लिए 700 कंटेनर. लेकिन जैसा बताया गया था, वैसा कुछ हुआ ही नहीं. जहाज समय पर नहीं चले, कई शिपमेंट डिले हुए, सामान खराब हुआ और ग्राहकों का भरोसा टूट गया. कंपनी की मार्केट इमेज को भी बड़ा झटका लगा.
जब दोनों जहाज बीच सफर में ही खड़े हो गए तो मेहता को बताया गया कि बंकर फ़्यूल और चार्टर हायर के पैसे नहीं बचे हैं. ग्राहकों का माल नष्ट न हो इसलिए मेहता ने इमरजेंसी में USD 8,75,000 (लगभग ₹7.61 करोड़) अपनी कंपनी से जारी कर दिए.
दूसरे राउंड में फिर धोखा, 88 लाख का और नुकसान
FIR में कहा गया है कि Leela Mombasa के अगले ट्रिप के लिए आरोपियों ने 302 कंटेनर का नया डॉक्यूमेंटेशन दिया, लेकिन जहाज एक इंच भी नहीं चला. मेहता को कंटेनर दूसरी लाइन पर शिफ्ट करने पड़े और करीब ₹88 लाख का और नुकसान झेलना पड़ा.
कुल नुकसान 18.33 करोड़, भरोसे का फायदा उठाकर की गई ठगी
शिकायत में आरोप है कि संबंधित कंपनियों और व्यक्तियों ने गलत डॉक्यूमेंट्स दिए,जहाज संचालन की झूठी जानकारी दी. रकम को अपने कब्जे में रख लिया. कमर्शियल रिलेशन का फायदा उठाकर लगातार टालमटोल की. एफआईआर के अनुसार कुल नुकसान ₹18,33,45,544 का हुआ है. EOW ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की भूमिका, फंड ट्रांसफर और जहाज़ संचालन से जुड़े दस्तावेज़ों की गहन जांच की जा रही है.














