- पंजाब के जालंधर में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से दो नकाबपोश लुटेरों ने दिनदहाड़े छह लाख रुपये से अधिक की लूट की
- वारदात के समय बैंक में कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था जिससे लुटेरों को आसानी से नकदी ले जाने का मौका मिला
- पुलिस ने एक आरोपी सिमरनजीत सिंह को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से रिवाल्वर और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं
पंजाब के जालंधर में दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज बैंक लूट की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस वारदात का मास्टरमाइंड एक रिटायर्ड डीएसपी का बेटा बताया जा रहा है, जो कि नशे का आदी है. पुलिस ने मामले में एक आरोपी को हथियार और जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पूरी लूट की साजिश और वारदात के तरीका परत दर परत खुल गया है.
कैसे हुई वारदात
सोमवार दोपहर 2 बजकर 35 मिनट पर जालंधर के खुरला किंगरा इलाके में कुक्की ढाब रोड स्थित बैंक एन्क्लेव फेज‑2 में उस वक्त अफरा‑तफरी मच गई, जब पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में दो नकाबपोश लुटेरों ने धावा बोल दिया. ब्लैक रंग की एक्टिवा पर सवार दोनों आरोपी सिर्फ दो मिनट के भीतर 6 लाख 27 हजार 700 रुपये लूटकर मौके से फरार हो गए. गौर करने वाली बात ये है कि इस वारदात के समय बैंक में कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था.
पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर के अनुसार, लंच के बाद बैंक के भीतर तीन कर्मचारी और तीन ग्राहक मौजूद थे. मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि एक लुटेरा लाल जैकेट पहने पिस्टल के साथ सीधे कैशियर के पास पहुंचा और धमकी देकर कैश की मांग की, जबकि दूसरा आरोपी नीली चेक शर्ट में नुकीले हथियार के साथ पास में खड़ा रहा. अचानक हुए इस हमले से बैंक में मौजूद लोग दहशत में आ गए. डर के माहौल में कैशियर ने काउंटर पर मौजूद पूरी नकदी लुटेरों के हवाले कर दी.
ये भी पढ़ें : मोगा में बस ने बाइक को मारी टक्कर, पति की मौके पर मौत; पत्नी व बेटा घायल
आरोपी एक्टिवा पर हुए फरार
आरोपी रकम को एक कैरी बैग में भरकर तेजी से बाहर निकले और एक्टिवा पर सवार होकर फरार हो गए. पूरी घटना बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया. इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सिमरनजीत सिंह उर्फ अमरीक सिंह, निवासी ग्रीन मॉडल टाउन, जालंधर को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के कब्जे से एक रिवाल्वर और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि इस लूट की साजिश रचने वाला मास्टरमाइंड एक रिटायर्ड डीएसपी का बेटा है, जिसे नशे का आदी बताया जा रहा है.
बैंक में कर ली थी रेकी
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात से पहले बैंक की रेकी की थी. उन्हें इस बात की पूरी जानकारी थी कि दोपहर के समय बैंक में भीड़ कम रहती है और उस वक्त सुरक्षा गार्ड भी मौजूद नहीं रहता. बताया जा रहा है कि लूट में इस्तेमाल की गई पिस्टल लाइसेंसी हथियार है. वारदात के बाद आरोपी कुक्की ढाब के रास्ते लांबड़ा और खांबड़ा की तरफ भागे थे. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए उनके मूवमेंट को ट्रेस करते हुए अर्बन एस्टेट तक रूट की पहचान कर ली. कपड़े बदलने के बावजूद पुलिस ने तकनीकी और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली.
दिनदहाड़े बैंक में सुरक्षा गार्ड की गैरमौजूदगी और ग्राहकों को किसी तरह का अलर्ट न दिए जाने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. यह घटना बैंक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंतन की जरूरत को उजागर करती है, जिस पर अब पुलिस और बैंक प्रबंधन दोनों की भूमिका पर नजरें टिकी हैं.
ये भी पढ़ें ; पंजाब पुलिसिंग का वो मॉडल, जिससे कोर्ट में भी नशा तस्करों को मिल रही हार














