13 हजार करोड़ रुपये की ड्रग्स तस्करी के मामले में इंटरनेशनल ड्रग तस्कर गिरफ्तार

तिलक प्रसाद शर्मा 10वीं पास है और आईटीआई से फिटर ट्रेड कर चुका है. पहले वह सिक्किम की एक फार्मा कंपनी में मशीन ऑपरेटर के तौर पर काम करता था.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • तिलक प्रसाद शर्मा थाईलैंड से भारत तक ड्रग्स से भरे सूटकेस लाने का काम करता था और वह नेपाल से फरार हुआ था
  • अब तक इस ड्रग रैकेट से 1290 किलो कोकीन, मेफेड्रोन और 40 किलो थाई मारिजुआना बरामद की जा चुकी है
  • तिलक प्रसाद शर्मा की गिरफ्तारी सिक्किम के नामची ईस्ट इलाके में स्थानीय पुलिस की मदद से की गई थी
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इंटरनेशनल ड्रग तस्करी नेटवर्क पर एक और बड़ी चोट करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे एक अहम आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी स्पेशल सेल ईस्टर्न रेंज की टीम ने की है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान तिलक प्रसाद शर्मा के रूप में हुई है, जो सिक्किम के ईस्ट पेंदम इलाके का रहने वाला है. आरोपी एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल का हिस्सा था, जिसका नेटवर्क पाकिस्तान से होकर यूके, मलेशिया, थाईलैंड, यूएई और भारत सहित कई देशों में फैला हुआ था.

कैसे पकड़ा गया

  1. तिलक प्रसाद शर्मा उस केस में वांटेड  था, जो स्पेशल सेल ने  दर्ज किया  था. इस केस में अब तक 1290 किलो कोकीन और मेफेड्रोन के साथ-साथ 40 किलो थाई मारिजुआना बरामद किया जा चुका है. इस इंटरनेशनल ड्रग रैकेट में अब तक 17 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कई आरोपी अभी भी फरार हैं.
  2. जांच में सामने आया है कि तिलक प्रसाद शर्मा थाईलैंड से भारत तक ड्रग्स से भरे सूटकेस लाने का काम करता था. दिल्ली पहुंचने के बाद ये सूटकेस तुषार गोयल के सहयोगी हिमांशु को सौंपे जाते थे. बाद में महिपालपुर स्थित एक गोदाम से थाई मारिजुआना से भरे दो सूटकेस बरामद भी किए गए.
  3. अक्टूबर 2024 में जब दिल्ली में कार्टेल के बड़े सदस्य पकड़े गए, तो गैंग के सरगना ने तिलक को थाईलैंड से श्रीलंका और फिर नेपाल के रास्ते भारत आने का आदेश दिया ताकि वह जांच एजेंसियों से बच सके. लेकिन नेपाल एयरपोर्ट पर वह थाई मारिजुआना के साथ पकड़ा गया और काठमांडू जेल में बंद कर दिया गया.
  4. इसी दौरान नेपाल में हुई अशांति का फायदा उठाकर तिलक नेपाल जेल से फरार हो गया और चोरी-छिपे भारत लौट आया. इसके बाद वह लगातार ठिकाने बदलता रहा और पहचान छुपाकर रह रहा था. आरोपी के खिलाफ कोर्ट से नॉन-बेलेबल वारंट भी जारी किया गया था.
  5. 5 जनवरी 2026 को स्पेशल सेल की टीम उसे पकड़ने के लिए सिक्किम पहुंची. पहले उसके गांव में तलाश की गई, लेकिन वह वहां नहीं मिला. इसके बाद पुख्ता सूचना के आधार पर नामची ईस्ट इलाके में स्थानीय पुलिस की मदद से उसे ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी को कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया.

बड़े नामों का हो सकता है खुलासा

तिलक प्रसाद शर्मा 10वीं पास है और आईटीआई से फिटर ट्रेड कर चुका है. पहले वह सिक्किम की एक फार्मा कंपनी में मशीन ऑपरेटर के तौर पर काम करता था. बेहतर नौकरी की तलाश में 2023 में दुबई गया, लेकिन वहां काम नहीं मिला. इसी दौरान वह इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट के संपर्क में आया और ड्रग्स का कूरियर बन गया.

दिल्ली पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और फरार अंतरराष्ट्रीय हैंडलर्स व सप्लायर्स की तलाश तेज कर दी गई है. आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े नाम सामने आ सकते हैं.

Featured Video Of The Day
US-Iran Peace Talks Fail होने पर Vladimir Putin की Entry, Middle East War में Iran को दिया ये Offer