दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा गोवा से फरार आरोपी इमाद खान, ठगी और ब्लैकमेल का है आरोप

19 जून 2024 को गोवा पुलिस ने इमाद खान को गिरफ्तार किया. लेकिन उसी दिन मुंबई एयरपोर्ट पर पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की कर फरार हो गया. इस पर सहार पुलिस स्टेशन, मुंबई में एफआईआर दर्ज की गई. तब से आरोपी फरार था.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल की टीम ने इमाद खान नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक पीड़ित को ब्लैकमेल करके 30 लाख रुपये ऐंठ लिए थे. वह गोवा पुलिस ने पहले उसे गिरफ्तार किया गया था. लेकिन मुंबई एयरपोर्ट से फरार हो गया था. इस संबंध में मुंबई के सहार थाने में भी मामला दर्ज किया गया था.

पीड़ित ने आरोप लगाया था कि इमाद खान और एक महिला आरोपी ने गोवा के मापुसा स्थित होटल में खुद को नारकोटिक्स विभाग, दिल्ली का इंस्पेक्टर बताकर उसकी तलाशी ली. उन्होंने पीड़ित का मोबाइल, दस्तावेज, लैपटॉप, पासवर्ड और अन्य डिजिटल मीडिया एक्सेस अपने कब्जे में ले लिया. इसके बाद उसे धमकाकर 20 लाख रुपये वसूले और बाद में और 10 लाख रुपये की मांग की, जो आरटीजीएस के जरिए दिए गए. लगातार बढ़ती धमकियों से तंग आकर पीड़ित ने 26 फरवरी 2024 को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई. गोवा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों को गिरफ्तार किया.

19 जून 2024 को गोवा पुलिस ने इमाद खान को गिरफ्तार किया. लेकिन उसी दिन मुंबई एयरपोर्ट पर पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की कर फरार हो गया. इस पर सहार पुलिस स्टेशन, मुंबई में एफआईआर दर्ज की गई. तब से आरोपी फरार था.

 26 मार्च 2025 को एक सूचना मिली कि फरार आरोपी इमाद खान देहरादून के आईएसबीटी के पास शिमला बाईपास रोड पर रह रहा है. 27 मार्च 2025 को टीम देहरादून पहुंची और 28 मार्च 2025 को गुप्त सूचना के आधार पर इमाद खान को गिरफ्तार कर लिया गया.

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपनी साथी महिला और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पुलिस अधिकारी बनकर 30 लाख रुपये की उगाही की. उसने यह भी कबूल किया कि 19 जून 2024 को वह गोवा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था. लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पर फरार हो गया और लगातार अपनी लोकेशन बदलकर छिपता रहा.

Advertisement

इमाद खान का जन्म 1991 में हुआ था. उसने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, यमुनानगर, हरियाणा से बी.कॉम किया है. इसके बाद उसने यमुनानगर में एक अकाउंटेंट के रूप में काम किया. साल 2023 में उसके चचेरे भाई ने दिल्ली के एक क्लब में शेफ के रूप में काम करना शुरू किया, जो आरोपी महिला द्वारा संचालित था. वहीं उसकी मुलाकात अन्य अपराधियों से हुई और फिर उसने गोवा में यह अपराध अंजाम दिया. अब तक आरोपी के अन्य साथी बासित, फैजान, भुवन, और यासिर को गिरफ्तार किया जा चुका है.

Featured Video Of The Day
NDTV Yuva 2026: 8 साल की उम्र में हादसा… डॉक्टर बोले हाथ‑पैर काटने होंगे… Payal Nag की दर्दभरी कहानी