फरीदाबाद: ब्लाइंड मर्डर केस की सुलझी गुत्थी , 2 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

कब्जा मिलने के पश्चात जोगेंद्र जमीन पर अपना मकान बनाकर रहने लगा. आरोपी उधम ने जोगेंद्र से उसकी जमीन का कब्जा वापिस दिलवाने की एवज में जमीन का कुछ हिस्सा मांगा था.

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आरोपी उधम ड्राइवरी और आरोपी बल्ली खेती करता है.
फरीदाबाद:

जोगेंद्र की हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच को कामयाबी मिली है और इस केस को हल कर लिया गया है. जानकारी के अनुसार गांव किडावली में पांच एकड़ जमीनी विवाद के चलते जोगेंद्र की हत्या की गई थी. दो-तीन दिसंबर की रात किरावली गांव एरिया में फार्म हाउस में जोगेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस संबंध में थाना भूपानी में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था. मामले की तफ्तीश क्राइम ब्रांच सेक्टर 30 द्वारा की जा रही थी.

डीसीपी क्राइम, मुकेश कुमार मल्होत्रा तथा एसीपी क्राइम सुरेंद्र श्योराण के दिशा-निर्देश के तहत कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच 30 प्रभारी इंस्पेक्टर सेठी मलिक की टीम ने हत्या के मुकदमे में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. एसीपी क्राइम सुरेंद्र श्योराण ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में उधम और बलजीत उर्फ बल्ली का नाम शामिल है. आरोपी बल्ली फरीदाबाद के गांव किडावली का ही रहने वाला है. वहीं आरोपी उधम पड़ोसी गांव दलेलपुर का निवासी है.

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पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी उधम सिंह ने बताया कि मृतक जोगेंद्र की गांव किडावली में 5 एकड़ जमीन थी जो वर्ष 2018 में उसने दिल्ली के गड्ढा कॉलोनी निवासी अख्तर को ढाई करोड़ रुपए में बेच दी थी. जिसके लिए अख्तर ने जोगेंद्र को 35 लाख रुपए बयाने के तौर पर दिए थे और बाकी बकाया रकम देने के लिए टाइम मांगा था. बयाने के पश्चात अख्तर ने जोगेंद्र की जमीन पर प्लॉटिंग शुरू कर दी परंतु अख्तर ने टाइम पर पैसे नहीं दिए. ऐसे में जोगेंद्र ने आरोपी उधम के साथ मिलकर करीब 8 महीने पहले अख्तर से अपनी जमीन का कब्जा वापस छुड़वा  और जोगेंद्र का जमीन पर दोबारा कब्जा हो गया.

कब्जा मिलने के पश्चात जोगेंद्र जमीन पर अपना मकान बनाकर रहने लगा. आरोपी उधम ने जोगेंद्र से उसकी जमीन का कब्जा वापिस दिलवाने की एवज में जमीन का कुछ हिस्सा मांगा. जिसको लेकर दोनों में तनातनी हो गई. जोगेंद्र को डराने के लिए जून 2022 में आरोपी द्वारा जोगेंद्र पर फायरिंग भी करवाई गई थी. जिसकी ना तो जोगेंद्र ने कहीं पर शिकायत की और ना ही इस पर कोई कार्यवाही करवाई.

आरोपी उधम इस बात को लेकर काफी परेशान था कि मैंने उसकी जमीन का कब्जा भी छुड़वा दिया लेकिन उसने मुझे बदले में कुछ नहीं दिया. आरोपी ने जोगेंद्र को जान से मारने का प्लान बनाया. इस प्लान में उसने अपने साथी बल्ली निवासी को साथ में लिया और प्लान के  मुताबिक अवैध असला व मोटरसाइकिल का इंतजाम किया गया.

 जब जोगेंद्र अपने घर के बाहर अपने पालतू कुत्ते को टहला रहा था, उसी दौरान जोगेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी और वहां से फरार हो गए. 3 दिसंबर को भूपानी थाने में हत्या तथा अवैध हथियार अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच शुरू की गई.

क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूत्रों की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपियों की उम्र करीब 22 से 24 वर्ष है तथा दोनो ने साथ में ही पढ़ाई की है और दोनों अच्छे दोस्त हैं. आरोपी उधम ड्राइवरी और आरोपी बल्ली खेती करता है.

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