एक्शन में ED! बंगाल में मर्लिन प्रोजेक्ट्स के 7 ठिकानों पर छापे, जमीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा

ईडी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि सुषिल मोहता, साकेत मोहता और उनसे जुड़े अन्य लोगों ने मिलकर फर्जी और जाली दस्तावेज तैयार किए और उनके जरिए कई जमीनों पर अवैध कब्जा किया. इनमें सरकारी जमीन भी शामिल बताई जा रही है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 अप्रैल 2026 को मर्लिन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड से जुड़े 7 ठिकानों पर छापेमारी की. यह कंपनी सुषिल मोहता और साकेत मोहता द्वारा प्रमोट की गई है. ईडी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि सुषिल मोहता, साकेत मोहता और उनसे जुड़े अन्य लोगों ने मिलकर फर्जी और जाली दस्तावेज तैयार किए और उनके जरिए कई जमीनों पर अवैध कब्जा किया. इनमें सरकारी जमीन भी शामिल बताई जा रही है.

जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने इन जमीनों पर कब्जा करने के बाद बड़े स्तर पर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए और खुद को वैध मालिक दिखाकर आम लोगों से भारी रकम निवेश के नाम पर जुटाई. यानी लोगों को झांसा देकर करोड़ों रुपये का खेल किया गया.ईडी की जांच में यह भी बड़ा खुलासा हुआ है कि मर्लिन ग्रुप के तार राज्य सरकार के कुछ वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों से भी जुड़े हो सकते हैं.

इन नेताओं और अधिकारियों की भूमिका और उनके वित्तीय लेन-देन की अब गहन जांच की जा रही है.छापेमारी के दौरान ईडी ने कई अहम डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज बरामद किए हैं, जिनसे मामले में और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.फिलहाल ईडी इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में इस केस में और कार्रवाई संभव है. 

यह भी पढ़ें: ED ने IPAC के दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु परिसरों में छापेमारी की, कंपनी देखती है TMC का चुनावी काम

Advertisement
Featured Video Of The Day
Bakrid Controversy 2026: बकरीद का सवाल, यूपी से बंगाल क्यों इतना बवाल? | Sawaal India Ka
Topics mentioned in this article