"अचानक कहीं से आकर MS Dhoni कैप्टन बन गए..." युवराज सिंह ने साल 2007 के किस्से को याद कर दिया बड़ा बयान

Yuvraj Singh on MS Dhoni captaincy: युवराज सिंह ने सनराइजर्स हैदराबाद मैनेजमेंट के अभिषेक को कप्तानी के लिए इग्नोर करने पर नाराजगी जताई है. इस दौरान उन्होंने साल 2007 का किस्सा याद किया, जब महेंद्र सिंह धोनी को कप्तान बनाया गया था.

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Yuvraj Singh on MS Dhoni captaincy:

Yuvraj Singh on MS Dhoni captaincy: आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) मैनेजमेंट को कप्तानी को लेकर बड़ा फैसला लेना था. पैट कमिंस की जगह टीम की कमान किसे सौंपी जाए—इस रेस में ईशान किशन और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नंबर‑1 बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा शामिल थे. आखिरकार फ्रेंचाइजी ने ईशान किशन को कप्तान बनाने का फैसला किया. हालांकि, इस फैसले ने कई क्रिकेट दिग्गजों को हैरान कर दिया. अभिषेक शर्मा लंबे समय से सनराइजर्स हैदराबाद के साथ जुड़े हुए हैं और पिछले कुछ सालों में उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया है. इसी वजह से उन्हें कप्तानी का दावेदार माना जा रहा था.

भारत के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह, जिन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ सालों तक नेट्स में काम किया है, ने इस फैसले पर अपनी निराशा जाहिर की. स्पोर्ट्स तक से बातचीत के दौरान युवराज ने 2007 का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह अचानक महेंद्र सिंह धोनी को भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई थी, जबकि उस समय टीम में कई सीनियर खिलाड़ी मौजूद थे.

"मैं थोड़ा निराश था"- युवराज सिंह

जब युवराज से पूछा गया कि अभिषेक को कप्तान न बनाए जाने पर उन्हें कैसा लगा, तो उन्होंने कहा,"मैं थोड़ा निराश था. मैं ईशान किशन से भी प्यार करता हूं, मैंने भारतीय क्रिकेट में उनका विकास देखा है." 

युवराज ने खिलाड़ी के नजरिए से बात करते हुए कहा,"अभिषेक विश्व कप से पहले टीम में आए, घरेलू टीम को जिताया, शतक बनाया, विश्व कप खेला, रन बनाए, भारत को जीत दिलाई और फिर कप्तान बना दिए गए. लेकिन फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अगर कोई खिलाड़ी सात साल तक एक टीम के साथ जुड़ा रहता है, अपना दिल‑जान लगाता है, राज्य टीम की कप्तानी करता है और फिर भी उसे नेतृत्व की जिम्मेदारी नहीं मिलती, तो वह किस मानसिकता के साथ खेलेगा?"

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2007 का जिक्र और धोनी की कप्तानी

युवराज ने आगे कहा,"उदाहरण के लिए, जब मैं भारतीय टीम में था, भज्जी और सहवाग सीनियर थे, और मैं उप-कप्तान था. यह 2007 के आसपास था. लेकिन अचानक कहीं से, एमएस धोनी कप्तान बन गए, चाहे जो भी कारण रहे हों." "जब एमएस को कप्तान बनाया गया, तो ऐसा लगा जैसे किस्तम थी कि किसी को भारत का नेतृत्व करना और टीम के लिए बेहतर काम करने के लिए चुना गया हो. लेकिन एक खिलाड़ी के नजरिये से देखें, यह निराशाजनक है जब किसी ने कई सालों में एक टीम के लिए इतना कुछ किया है."

"अभिषेक बेहतर विकल्प होते" 

इस मामले पर आगे बोलते हुए युवराज ने कहा कि वह इस विचार से पूरी तरह सहमत नहीं हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि अभिषेक, जिन्होंने सनराइजर्स के साथ कई साल बिताए हैं, बेहतर विकल्प होते. हालांकि, अब जब फैसला हो गया है, तो उन्होंने आगे बढ़ने और ईशान का समर्थन करने के महत्व पर जोर दिया.

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"अगर हैदराबाद कल जीतता है - जो मुझे नहीं लगता कि होगा, क्योंकि मुझे लगता है कि उनकी गेंदबाजी बहुत कमजोर है - मेरे शब्द गलत साबित हो सकते हैं, और मुझे उस आलोचना से कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन मेरा कहना यह है कि आपको एक खिलाड़ी को सीखने के लिए कप्तानी देनी होगी. मुझे लगता है कि आईपीएल इसके लिए एक बेहतर मंच है. बातचीत महत्वपूर्ण है, लेकिन मुझे इस निर्णय का आधार नहीं पता. मैंने अभिषेक से कहा, 'यह हुआ, और यह निराशाजनक है, लेकिन अब हमने इसे एक तरफ रख दिया है.' कप्तान का समर्थन करना और कड़ी मेहनत करना क्योंकि जिस चीज़ ने आपको चोट पहुंचाई है, उससे आपको प्रेरणा मिलनी चाहिए."

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