जब सुनील गावस्कर यह कहते हैं कि मॉडर्न क्रिकेट में अगर किसी खिलाड़ी के साथ सबसे ज्यादा खराब बर्ताव हुआ है, तो भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) इसे साबित भी करते रहते हैं. और विंडीज के खिलाफ बुधवार से शुरू हुए पहले टेस्ट (wi vs Ind 1st Test) के पहले दिन उन्होंने विंडीज बल्लेबाजों को ट्रेलर दे ही दिया कि धीमी पिचों पर वे भले ही मास्टर हों, लेकिन उनकी घूमती गेंदों से बचना बहुत ही मुश्किल होगा. अश्विन ने भारत को पहली सफलता तब दिलाई, जब दोनों ओवर तेजनारायण और ब्रैथवेट 12 ओवर खेल चुके थे, लेकिन 13वें ओवर की पांचवी गेंद लेफ्टी तेजनारायण की गिल्लियां बिखेर गईं. और इसी के साथ उन्होंने अनिल कुंबले को स्पेशल कारनामे के मामले में पीछे छोड़ दिया.
दरअसल यूं तो भारतीय क्रिकेट इतिहास के धुरंधरों ने अश्विन से कहीं ज्यादा विकेट चटकाए हैं, लेकिन जब बात सिर्फ औ सिर्फ बोल्ड करने की आती है, तो अब अश्विन ने भारतीयों में खुद को नंबर एक पोजीशन पर ला दिया है. चंद्रपॉल को बोल्ड करने के साथ ही अश्विन पूर्व लेग स्पिनर अनिल कुंबले को पछाड़कर नंबर एक "बोल्डर" बन गए.
जब अश्विन ने चंद्रपॉल को बोल्ड किया, तो यह 95वां मौका था, जब उन्होंने किसी बल्लेबाज कि गिल्लियां बिखेरीं. और इससे उन्होंने कुंबले (95) को दूसरी पायदान पर धकेल दिया. कुंबले के बाद नंबर महान कपिल देव का आता है, जिन्होंने 88 बार विरोधी बल्लेबाजों को बोल्ड किया, तो चौथे नंबर पर मोहम्मद शमी हैं, जो 66 बार बल्लेबाजों को बोल्ड कर चुके हैं.
इस कारनामे के बाद अब वह दिन ज्यादा दूर नहीं है, जब रविचंद्रन अश्विन "स्पेशल सेंचुरी" जड़ देंगे. यहां से उन्हें सिर्फ पांच बार ही बल्लेबाजों को और बोल्ड करना है. और इस शतक के साथ ही वह एक ऐसा मील का पत्थर स्थापित कर देंगे, जो आने वाली पीढ़ी में किसी भी बॉलर के लिए बहुत ही बड़ा चैलेंज बना रहेगा.
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