IPL 2026, LSG vs SRH: लखनऊ सुपर जायंट्स ने SRH के खिलाफ आखिरी ओवर तक चले रोमांचक मुकाबले में इस सीजन की अपनी पहली जीत दर्ज की. इस जीत के दौरान एक ऐसी घटना घटी जिसपर अंपायर का ध्यान नहीं गाय ेलेकिन अब वह घटना सबके सामने है. दरअसल, कप्तान ऋषभ पंत ने विनिंग बाउंड्री लगाई, जिसे आवेश खान ने जश्न मनाते हुए वापस मैदान में बल्ले से मार दिया. सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है और फैन्स के मन में कंफ्यूजन बना हुआ है कि क्या SRH पर 5 रन की पेनल्टी लगनी चाहिए थी, क्योंकि आवेश ने खेल के नियमों का उल्लंघन किया था. लेकिन फैक्ट चेक से यह पुष्टि हुई है कि ऐसा कोई नियम मौजूद नहीं है.
दरअसल, हुआ ये कि जब पंत ने विनिंग शॉट मारा तो आवेश खान डगआउट में बाउंड्री के पास खड़े थे. अपनी ओर गेंद आता देख आवेश ने गेंद को बल्ले से मारकर वापस मैदान पर भेज दिए. यह नजारा भले ही मजेदार था, लेकिन अर्शिन कुलकर्णी ने आवेश की इस हरकत पर हैरानी जताते हुए अपना हाथ ऊपर उठा दिया. हालांकि अंपायर ने इसपर कोई ध्यान नहीं दिया. लेकिन सोशल मीडिया पर फैन्स इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं और आवेश की इस हरकत पर सवाल खड़े कर रहे हैं. कई फैन्स का मानना है कि SRH इस मामले में अपील कर सकता था, जिसके चलते LSG पर 5 रन की पेनल्टी लग सकती थी. ऐसा होने पर वे मुकाबले में बने रहते, और फिर मेहमान टीम को आखिरी 2 गेंदों पर 6 रन बनाने होते.
क्या आवेश खान ने नियम तोड़े?
इस सवाल का सीधा जवाब है नहीं, हालांकि, नियम को जिस तरह से समझा गया है, उससे कन्फ्यूजन जायज है. MCC क्रिकेट के नियमों के नियम 19 (बाउंड्री) के अनुसार, बाउंड्री तब लगती है जब गेंद पहली बार बाउंड्री या उसके आगे की जमीन को छूती है. जैसे ही ऐसा होता है, बाउंड्री के लिहाज से गेंद को तुरंत 'डेड' (खेल से बाहर) मान लिया जाता है, और रन दे दिए जाते हैं. आवेश खान वाले मामले में, पंत के शॉट को बाउंड्री घोषित कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने मिड-ऑफ फील्डर को पार कर दिया था. इसलिए, आवेश खान के इस हरकत के लिए कोई पेनल्टी नहीं लगी, क्योंकि गेंद को असल में 'डेड' ही मान लिया गया था भले ही गेंद अभी बाउंड्री पर न गिरी हो, लेकिन एक बार बाउंड्री पार करती तो उस गेंद को बाउंड्री मान लिया जाता.
5 रन की पेनल्टी कब लगती है, क्या हार जाता लखनऊ ?
5 पेनल्टी रन बहुत ही कम मामलों में दिए जाते हैं. इसे लागू करने के लिए, नियम 41 में कहा गया है कि खिलाड़ी का बर्ताव गलत होना चाहिए और आमतौर पर उसका मकसद धोखा देना, रुकावट डालना या कोई गलत फायदा उठाना होना चाहिए. आवेश का बाउंड्री के पास गेंद को अपने बल्ले से मारना न तो धोखा था और न ही रुकावट, न ही उन्होंने किसी रन को गलत तरीके से रोकने या उसमें रुकावट डालने की कोशिश की थी.
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