IND vs NZ Final: आखिरकार टीम इंडिया ने दोहरा दिया...तिरंगा लहरा दिया! टीम सूर्यकुमार ने रविवार को अहमदाबाद के नरेद्र मोदी स्टेडियम में भारत के करीब डेढ़ अरब लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी बार और कुल मिलाकर तीसर टी20 विश्व कप अपने नाम कर लिया. मेगा इवेंट के सफर में कुछ मौकों पर लड़खड़ाने वाली टीम सूर्यकुमार ने मानो अपना सर्वश्रेष्ठ फाइनल के लिए ही बचा कर रखा था. और सबसे बड़ी जरूरत पर कीवियों को पटखनी देते हुए पूरे देश को झूमने पर मजबूर कर दिया. टीम इंडिया से जीत के लिए 256 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी न्यूजीलैंड टीम 19 ओवरों में सभी विकेट खोकर 159 रन ही बना सकी. .और अगर ऐसा हुआ, तो उसके पीछे अनगिनत वजह रहीं, लेकिन आप उन शीर्ष 5 वजहों के बारे में जान लें, जिन्होंने भारत को चैंपियन बना दिया.
1. संजू बने 'सैमसन मिसाइल'!
निश्चित तौर पर संजू पारी, तेवर, अंदाज, ऊर्जा, नजरिया वगैरह-वगैरह भारतीय टीम की फाइनल में सबसे बड़ी वजह रहा. संजू ने आगे रहकर बाकी बल्लेबाजों को मार्ग दिखाते हुए प्रचंड पारी खेलते हुए टीम इंडिया को वह स्कोर दिलाने में मदद की, जिसकी इस बहुत बड़े मंच पर अनिवार्य रूप से दरकार थी. सैमसन ने 46 गेंदों पर 5 चौकों और 8 छक्कों से सुपर से ऊपर पारी खेली, जो भारत की जीत की सबसे बड़ी वजह बन गई.
2. सबसे बड़ा मौका, सबसे बड़ी शुरुआत
सबसे बड़े मौके पर दोनों ओपनर संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने चौका नहीं, बल्कि छक्का लगाया. पिछले करीब 7 मैचों की नाकामी को भुनाते हुए इन दोनों ने मिलकर न्यूजीलैंड पर तब प्रचंड प्रहार किया, जब टीम इंडिया अनिवार्य रूप से सबसे ज्यादा जरूरत थी. सुर छेड़ा पहले ओवर से ही संजू सैमसन ने, तो पावर-प्ले खत्म-होते-होते अभिषेक इसे अगले ही स्तर पर ले गए.दोनों ने प्रचंड ही नहीं, बल्कि ठोस शुरुआत देते हुए सिर्फ 7.1 ओवरों मेंही 98 ने जोड़कर फाइनल के इतिहास के रिकॉर्ड स्कोर का आधार रख दिया.
3. इशान ने मिलाया सुर में सुर !
जो संयुक्त सुर सैमसन और इशान ने मिलकर छेड़ा था, उस पर बिहारी बाबू इशान किशन ने कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया. ईशान के बल्ले से कई झन्नाटेदार शॉट निकले. और उन्होंने किसी रिले-रेस के एथलीट की तरह इशान और संजू से मिली बैटन को अच्छी तरह से स्वीकार करते हुए ऐसे ही अंदाज में आगे बढ़ाया. इशान ने 25 गेंदों पर 4 चौकों और इतने ही छ्क्कों से तूफानी पारी खेली. और यह भारत के उस 5 विकेट पर 255 के स्कोर की एक मजबूत कड़ी साबित हुई, जिसने कीवी बल्लेबाजों का मैदान पर उतरने से पहले ही मनोबल तोड़ दिया.
4. गिरी बुमराह मिसाइल, न्यूजीलैंड स्वाहा!
बुमराह मिसाइल ने यूं तो रविंद्र रचिन को आउट कर पहले कीवियों के भविष्य में पलीता लगाने का काम कर दिया था. लेकिन दूसरे स्पेल में बॉलिंग के लिए आए बुमराह पहले से ही मानसिक रूप से हार चुके न्यूीजलैंड की बुरी तरह बर्बादी लेकर आए. बुमराह मिसाइल कीवियों पर ऐसे गिरी कि कीवी इसमें भस्म हो गए. मानो जस्सी ने भी अपना सर्वश्रेष्ठ सबसे बड़े मंच के लिए ही बचा कर रखा था. और उनका चार ओवरों में सिर्फ 15 रन देकर 4 विकेट चटकाना भारत की चौथी सबसे बड़ी वजह साबित हुआ.
5. टीम प्रबंधन का साहसिक फैसला!
पांचवीं और सबसे बड़ी वजह के लिए टीम प्रबंधन यानी चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर, कप्तान सूर्यकुमार यादव, हेड कोच गौतम गंभीर, उप-कप्तान अक्षर पटेल सहित पूरा भारतीय मैनेजमेंट जिम्मेदार है. और इसके लिए प्रबंधन के लिए खड़े होकर ताली बजाना बनाता है, बजाना होगा. फाइनल से पहले महान गावस्कर सहित पूरी दुनिया टीम में बदलाव की बातें कर रही थी. कोई अभिषेक को बाहर करने की बात बोल रहा था, तो कोई वरुण चक्रवर्ती को बेंच पर बैठाने की. लेकिन तमाम दबाव के बीच भारतीय प्रबंधन अपनी सोच, नजरिये, मनोदशा से विचलित नहीं हुआ और उसने वही फाइनल इलेवन बरकरार रखी, जो पिछले मुकाबले में थी. और यह फाइनल में जीत की एक बड़ी वजह रही.
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