ICC T20 World Cup 2026: तमाम पूर्व क्रिकेटर और मीडिया ही नहीं, बल्कि AI ने टीम इंडिया को खिताब जीतने का सबसे प्रबल दावेदार करार दिया है. वजह यह भी है कि टीम सूर्यकुमार (Suryakumar Yadav) ने साल 2024 में 26 में से 24 मैच जीते. जीत का प्रतिशत 92.31 रहा. इसी साल 9 बार दो सौ या इससे ज्यादा का स्कोर किया. तिलक वर्मा नंबर तीन पर एक बड़ा मैच विनर बनकर उभरा, तो सबसे हाल ही में ईशान किशन का मिलना, कप्तान का फॉर्म में लौटना इस टीम की बड़ी ताकत बन गया. हार्दिक मिड्ल ऑर्डर में मैच जीतने की ताकत रखते हैं. चोटिल हर्षित राणा की जगह सिराज जाए हैं. बुमराह का डंक गायब है, तो पेस डिपार्टमेंट तुलनात्मक रूप से कमजोर दिखाई पड़ता है, लेकिन स्पिनर और ऑलराउंडर उम्दा हैं, तो खामियों को तूफानी बल्लेबाजी ढांप देती है. यूं तो टेस्ट दर्जा प्राप्त देश 12 हैं, लेकिन बांग्लादेश के बाहर होने के बाद टी20 वर्ल्ड कप में 11 ही बचे हैं. ऐसे में AI ने सभी का आंकलन करते हुए अपना फैसला सुनाते हुए हर टीम को दस में से नंबर दिए हैं, लेकिन उसने जिंबाब्वे और आयरलैंड को सिरे से खारिज कर दिया है. चलिए जान लीजिए कि किस टीम का दावा सबसे मजबूत है. नंबर के लिहाज से भी और प्रतिशत (%) के लिहाज से भी.
10. स्कॉटलैंड (3.5/10)
बांग्लादेश के बाहर होने के बाद स्कॉटलैंड को वह मिल गया, जो शायद उसने सपने में भी नहीं सोचा था. मतलब मेगा इवेंट में खेलने का मौका. लेकिन AI के हिसाब से यह टीम बहुत पीछे है. इसी वजह से उसे उन दिग्गज टीमों से अलग रखते हुए बाकी उन तमाम देशों के साथ शामिल किया गया है, जिनकी पिछले एक साल के प्रदर्शन के आधार पर खिताब जीतने की संभावना महज 7 प्रतिशत है. और सात प्रतिशत में AI ने बाकी कमजोर टीमों नामीबिया, इटली, यूएई, लीदरलैंड्स, यूएसए, ओमान, नेपाल और कनाडा आदि की साथ जगह दी है.
9. श्रीलंका (5/10)
श्रीलंका को लंबे समय बाद किसी देश के साथ मिलकर टूर्नामेंट आयोजित करने का मौका मिला है. इस टी20 वर्ल्ड कप में वह भारत के साथ सह‑मेजबान है, लेकिन AI इस टीम को ज्यादा भाव देने को तैयार नहीं है. घरेलू पिचों का फायदा और अच्छे स्पिनर जरूर मौजूद हैं, लेकिन चैंपियन बनने की संभावना बहुत ही ज्यादा कम मानी गई है. प्रतिशत के लिहाज से श्रीलंका के खिताब जीतने के आसार 1.5 ही हैं.
8. अफगानिस्तान (5.5/10): चौंकाने की क्षमता है!
इस टीम ने हालिया वर्षों में अपने प्रदर्शन और जुझारू क्षमता से सभी को चौंकाया है. यह नहीं भूलना चाहिए कि 2024 संस्करण में अफगानिस्तान सेमीफाइनल तक पहुंचा था. मजबूत टेम्परामेंट, जबरदस्त संघर्ष क्षमता और विश्व स्तरीय स्पिन बॉलिंग इसकी सबसे बड़ी ताकत है. हालांकि अनुभव की कमी के कारण टीम कई बार जीतते‑जीतते पटरी से उतर जाती है और बल्लेबाजी में निरंतरता का अभाव भी दिखता है. AI ने अफगानिस्तान को श्रीलंका से ऊपर रखा है. अफगानिस्तान के जीत प्रतिशत आसार श्रीलंका से बेहतर 2 % हैं.
7. वेस्टइंडीज (5/10): दो बार की चैंपियन
इस टीम का स्वभाव आम फैंस से लेकर पूर्व दिग्गज तक सभी जानते हैं. जब दिन होता है तो वेस्टइंडीज राजा नजर आती है, और अगला ही दिन रंक. विस्फोटक बल्लेबाजों के साथ बड़े मंच का अनुभव इसकी ताकत है, लेकिन गेंदबाजी और फील्डिंग इसकी सबसे बड़ी कमजोरी बनी हुई है. इसी कारण AI ने इस टीम को 5 अंक दिए हैं, तो उसका जीत प्रतिशत 3 बताया गया है.
6. न्यूजीलैंड (6.5/10): छिपा रुस्तम!
अगर कहा जाए कि इस टीम ने हालिया वर्षों में सबसे ज्यादा सुधार किया है, तो यह गलत नहीं होगा. ICC टूर्नामेंट में यह टीम अक्सर सभी को चौंका देती है. हालिया सालों में इसने नंबर‑1 भारत को दो बार हराया है. मिचेल सैंटनर जैसा शानदार कप्तान, डैरिल मिचेल जैसे भरोसेमंद बल्लेबाज और अच्छे ऑलराउंडर्स इसकी ताकत हैं. हालांकि हालिया फॉर्म और कुछ खिलाड़ियों की फिटनेस चिंता का विषय रही है. सभी पहलुओं को तौलने के बाद AI ने न्यूजीलैंड को छिपा रुस्तम मानते हुए 10 में से 6.5 अंक दिए हैं, तो उसका जीत प्रतिशत आसार 5 रखा है.
5. दक्षिण अफ्रीका (7/10): अब चोकर्स नहीं है यह टीम!
वह दौर अब चला गया, जब इस टीम को सिर्फ चोकर्स कहा जाता था. पिछले संस्करण में भारत के खिलाफ फाइनल खेलने के साथ ही दक्षिण अफ्रीका ने अपना स्तर साबित कर दिया. टीम के पास एडेन मार्करम जैसे बल्लेबाज हैं, तो मिडिल ऑर्डर में आखिर तक नाबाद रहकर मैच पलटने वाले डेविड मिलर हैं, जिन्हें किलर मिलर भी कहा जाता है. तेज गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग इसकी ताकत है, लेकिन स्पिन खेलना और एक क्वालिटी स्पिनर की कमी बड़ी कमजोरी है. वहीं नॉकआउट मैचों में दबाव अभी भी दिखता है. इसके बावजूद AI ने टीम को 7 अंक दिए हैं.
4. पाकिस्तान (7.5/10): अप्रत्याशित है, खतरनाक है!
अप्रत्याशित लेकिन खतरनाक. मेगा इवेंट से पहले भारत के खिलाफ न खेलने को लेकर ड्रामा करने वाली पाकिस्तान टीम को AI ने मजबूत दावेदार माना है. पिछले करीब एक साल में पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा मैच खेले हैं. स्पिन के साथ‑साथ पेस आक्रमण भी मजबूत है. सबसे बड़ी कमजोरी बल्लेबाजी रही है. बल्लेबाज प्रतिभाशाली हैं, लेकिन अनुभव की कमी अक्सर भारी पड़ जाती है और यही बात पाकिस्तान के खिलाफ जाती है. AI ने पाकिस्तान का जीत प्रतिशत 10 रखा है.
3. इंग्लैंड (8/10): फाइनल खेल चुकी है इंग्लिश टीम!
एशेज सीरीज में हालिया प्रदर्शन भले ही निराशाजनक रहा हो, लेकिन रेड बॉल और व्हाइट बॉल क्रिकेट पूरी तरह अलग हैं. टीम के पास जोस बटलर, युवा कप्तान हैरी ब्रूक जैसे तूफानी बल्लेबाज हैं. फिलिप सॉल्ट के रूप में ऐसा विकेटकीपर‑बल्लेबाज मौजूद है, जिसकी पारी मैच की दिशा बदल सकती है. यह टीम साल 2010 में टी20 विश्व कप का फाइनल खेल चुकी है. गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर की अगुवाई और आदिल राशिद के अनुभव से आक्रमण संतुलित नजर आता है. हालांकि डेथ ओवरों में गेंदबाजों का लगातार पटरी से उतरना इसकी बड़ी कमजोरी है, जिसने इंग्लैंड को पहले भी खिताब से दूर किया है. फिर भी यह टीम मजबूत दावेदार बनी हुई है. इंग्लैंड का जीत प्रतिशथ 15 है.
2. ऑस्ट्रेलिया (8.5/10): हमेशा से दावेदार
दुनिया में शायद ही कोई क्रिकेट विशेषज्ञ होगा, जो ऑस्ट्रेलिया को फाइनल की दौड़ से बाहर माने. टीम लगातार बेहतर प्रदर्शन करती रही है. मिचेल मार्श और ग्लेन मैक्सवेल जैसे खिलाड़ी अकेले दम पर मैच छीनने की काबिलियत रखते हैं. बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में उच्च और संतुलित स्तर है. भारतीय उपमहाद्वीप की परिस्थितियों का अच्छा अनुभव भी टीम को मजबूत बनाता है. कमजोरी सिर्फ यही है कि कुछ खास खिलाड़ियों पर निर्भरता ज्यादा है. इसके बावजूद चैंपियन बनने की पूरी उम्मीद है. AI ने ऑस्ट्रेलिया के खिताब जीतने का प्रतिशत 20 बताया है.
1. भारत (10/10): प्रदर्शन बहुत ही तूफानी है.
न सिर्फ तमाम पूर्व क्रिकेटर और मीडिया, बल्कि AI ने भी टीम इंडिया को खिताब जीतने का सबसे प्रबल दावेदार करार दिया है. टीम सूर्यकुमार ने साल 2024 में 26 में से 24 मुकाबले जीते, यानी 92.31 प्रतिशत जीत का रिकॉर्ड बनाया. इसी साल टीम ने 9 बार 200 या उससे ज्यादा रन बनाए. नंबर तीन पर तिलक वर्मा बड़े मैच विनर बनकर उभरे हैं. हाल ही में ईशान किशन की वापसी, कप्तान का फॉर्म में लौटना और मिडिल ऑर्डर में हार्दिक पांड्या की मैच जिताने की क्षमता टीम की सबसे बड़ी ताकत है. चोटिल हर्षित राणा की जगह मोहम्मद सिराज को शामिल किया गया है. जसप्रीत बुमराह का पहले जैसा डंक नजर नहीं आता, जिससे पेस डिपार्टमेंट थोड़ा कमजोर दिखता है. हालांकि बेहतरीन स्पिनर और ऑलराउंडर्स इस कमी को काफी हद तक भर देते हैं और तूफानी बल्लेबाजी सारी खामियों पर भारी पड़ती है. यूं तो टेस्ट दर्जा प्राप्त 12 देश हैं, लेकिन बांग्लादेश के बाहर होने के बाद टी20 वर्ल्ड कप में 11 ही बचे हैं. AI ने सभी टीमों का आकलन करते हुए जिंबाब्वे और आयरलैंड को पूरी तरह बाहर रखा और भारत को पूरे 10 में से 10 अंक दिए हैं.प्रतिशत की बात करें, तो AI ने भारत की जीत का प्रतिशत 35 रखा है.
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